सिलीगुड़ी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि बिहार और झारखंड अब नक्सल-मुक्त हो चुके हैं, और जल्द ही छत्तीसगढ़ व पूर्वोत्तर में भी माओवादी खतरे का सफाया कर दिया जाएगा। शाह ने यह बात पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी के रणिदांगा में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के 61वें स्थापना दिवस पर कही।
उन्होंने कहा, “एसएसबी ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर नक्सल-विरोधी अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। चार दशकों के बाद, बिहार और झारखंड अब नक्सल-मुक्त हो गए हैं। छत्तीसगढ़ में एसएसबी ने बहादुरी से मोर्चा संभाला है और वहां नक्सलवाद खत्म होने के कगार पर है।” शाह ने बताया कि पिछले सात वर्षों में इस क्षेत्र में 600 से अधिक माओवादी गिरफ्तार किए गए हैं, 15 से अधिक मारे गए हैं, और कई ने आत्मसमर्पण किया है।

सिलीगुड़ी कॉरिडोर, जिसे “चिकन-नेक” क्षेत्र भी कहा जाता है, का जिक्र करते हुए शाह ने कहा, “यह पूर्वी भारत में बेहद महत्वपूर्ण है। यह कॉरिडोर पूर्वोत्तर को बाकी भारत से जोड़ता है। एसएसबी की मौजूदगी ने इस क्षेत्र को सुरक्षा और विश्वास प्रदान किया है।”
गृह मंत्री ने 2,450 किलोमीटर लंबे भारत-नेपाल और भारत-भूटान सीमा की सुरक्षा में एसएसबी की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा, “नेपाल और भूटान के साथ सीमाओं पर सुरक्षा को लेकर गृह मंत्री बिल्कुल चिंतित नहीं हैं, क्योंकि एसएसबी के जवान वहां तैनात हैं।” शाह ने यह भी बताया कि एसएसबी ने नेपाल सीमा पर नो-मैन्स लैंड पर 1,100 से अधिक अतिक्रमण के मामलों को सफलतापूर्वक हटाया है।
