छत्तीसगढ़ के पुरई की तैराक चंद्रकला ने गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स में दर्ज किया अपना नाम, मंत्री साहू ने दी बधाई

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दुर्ग (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिला के ग्राम पुरई की 15 वर्षीय चन्द्रकला ओझा ने 8 घंटें लगातार तैर कर आज गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स में अपना नाम दर्ज कर लिया है। इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए गृहमंत्री क्षेत्रीय विधायक ताम्रध्वज साहू ने कहा कि खेल गाँव पुरई और उसके खिलाड़ियों ने हमेशा प्रदेश का मान बढ़ाया है। उन्होंने बिटिया चन्द्रकला ओझा को इस उपलब्धि पर हम सब की ओर से ढेर सारी बधाई एवं शुभकामनाएं। इस तैराकी प्रदर्शन के दौरान मंत्री साहू ग्राम पुरई के तालाब के तट पर मौजूद रहे। उनकी मौजूदगी में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स के अधिकारियों ने तैराक चंद्रकला को प्रमाण पत्र प्रदान किया।

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बता दें कि खेल गांव के नाम से विख्यात पुरई की 15 वर्षीय चंद्रकला ओझा गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में अपना नाम दर्ज कराने दावा किया था। इसके लिए वह गांव के ही डोंगिया तालाब में लगातार आठ घंटे तैरी।
उतई के समीपस्थ गांव पुरई के बच्चे विभिन्न खेलों में अपना परचम लहरा रहे हैं। गांव के तालाब में तैराकी का अभ्यास कर बेहतर प्रदर्शन किया है। इसके बूते उन्हें साई (भारतीय खेल प्राधिकरण) में प्रशिक्षण के लिए चयन हो पाया था। इसी छोटे से गांव की गरीब परिवार की बच्ची चंद्रकला ओझा ने यह कीर्तिमान रचने काफी मेहनत की। उन्होंने नौ अप्रैल को सुबह पांच से दोपहर एक बजे तक लगातार आठ घंटे तैरकर गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में अपना नाम दर्ज कराने दावा किया। जिसमें चंद्रकला सफल रही।

फ्लोटिंग विंग्स स्विमिंग एकेडमी पुरई के प्रशिक्षण ओम ओझा ने बताया कि गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में अपना नाम शामिल कराने जी तोड़ मेहनत कर रही थी। उन्होंने बीते कई महीनों से प्रतिदिन कई घंटे लगातार अभ्यास इसके लिए अभ्यास किया। क्लब के अध्यक्ष दिवाकर गायकवाड ने बताया कि पुरई के बच्चों कई स्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।