छत्तीसगढ़ में नक्सल मोर्चे पर बड़ी कार्रवाई: मुठभेड़ में महिला नक्सली ढेर, 50 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

बस्तर (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले की सीमा पर सोमवार सुबह 9 बजे पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें एक महिला नक्सली मारी गई। पुलिस ने उसके पास से INSAS राइफल भी बरामद की है। दंतेवाड़ा एसपी गौरव राय ने पुष्टि की कि अभियान अभी भी जारी है और आगे की जानकारी का इंतजार है।

बीजापुर में 50 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

रविवार को बीजापुर जिले में 50 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि जो नक्सली हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उन्हें सरकार पूर्ण समर्थन देगी। उन्होंने लिखा,
“यह खुशी की बात है कि 50 नक्सलियों ने हथियार डाल दिए। मोदी जी की नीति स्पष्ट है – जो हिंसा छोड़ विकास के रास्ते पर आएंगे, उन्हें पुनर्वास और मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा।”

दंतेवाड़ा और सुकमा में भी आत्मसमर्पण का सिलसिला जारी

शनिवार को दंतेवाड़ा में 15 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया। एसपी दंतेवाड़ा ने बताया कि इन सभी को राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत लाभ दिया जाएगा। इसके पहले बुधवार को सुकमा जिले में 9 नक्सलियों ने पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण के सामने आत्मसमर्पण किया था।

सुकमा में मुठभेड़, 16 नक्सली ढेर

शनिवार सुबह सुकमा जिले में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई, जिसमें 16 नक्सली मारे गए और 2 जवान घायल हो गए। एसपी सुकमा किरण चव्हाण ने बताया कि मौके से AK-47, SLR और INSAS राइफल सहित भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए। घायल जवानों को इलाज के लिए सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है।

बीजापुर में IED ब्लास्ट से आदिवासी महिला की मौत

रविवार शाम बीजापुर जिले के उसूर थाना क्षेत्र में 40 वर्षीय आदिवासी महिला सुषिला सोढ़ी की IED ब्लास्ट में दर्दनाक मौत हो गई। महिला महुआ बीनने गई थी और गलती से नक्सलियों द्वारा बिछाए गए IED पर पैर रखते ही धमाका हो गया

सरकार का नक्सलियों पर बढ़ता दबाव

छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियानों की तीव्रता लगातार बढ़ रही है। हाल के मुठभेड़ों, आत्मसमर्पणों और सुरक्षा बलों की रणनीतियों से यह साफ है कि नक्सलियों पर दबाव बढ़ रहा है। सरकार की पुनर्वास नीति भी असर दिखा रही है, जिससे बड़ी संख्या में नक्सली हथियार छोड़कर शांति के मार्ग पर लौट रहे हैं

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