Chief Minister विष्णु देव साय सरकार बनने के बाद से बस्तर संभाग में विकास कार्यों को नई रफ्तार मिली है। खासकर बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार को लेकर सरकार लगातार बड़े कदम उठा रही है। इसी कड़ी में बीजापुर जिले के उसूर विकासखंड के ग्राम तर्रेम में बैंक ऑफ बड़ौदा की नई शाखा का वर्चुअल उद्घाटन किया गया।
इस कार्यक्रम में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए और शाखा का शुभारंभ किया। यह पिछले ढाई वर्षों में बस्तर संभाग में खुलने वाली 31वीं नई बैंक शाखा है।
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तर्रेम में बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा का उद्घाटन
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। तर्रेम में नई शाखा खुलने से स्थानीय लोगों को अब बैंकिंग कार्यों के लिए दूर-दराज नहीं जाना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को अपने क्षेत्र में ही खाते खोलने, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और अन्य वित्तीय सेवाओं का फायदा आसानी से मिलेगा। इससे वित्तीय समावेशन को मजबूती मिलेगी।
Chief Minister सरकार का समावेशी विकास मॉडल
Chief Minister विष्णु देव साय ने बस्तर में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार को सुशासन और समावेशी विकास की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि बैंकिंग सुविधाओं से आदिवासी और ग्रामीण परिवार आर्थिक रूप से मजबूत होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार से जुड़ने में भी मदद मिलेगी। साथ ही सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से लोगों तक पहुंचेगा।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की नई कहानी
जहां कभी हमला हुआ, वहां अब खुल रहा बैंक
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अपने दंतेवाड़ा कलेक्टर कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि एक समय जगरगुंडा और आसपास के क्षेत्र बेहद नक्सल प्रभावित थे। उस समय अधिकारी अंदरूनी इलाकों में जाने से भी डरते थे।
उन्होंने कहा कि जिस भवन में कभी ग्रामीण बैंक की शाखा थी और जिसे नक्सलियों ने निशाना बनाया था, आज उसी स्थान पर फिर से बैंक शाखा शुरू होना विकास और विश्वास का प्रतीक है।
यह बदलाव बस्तर में तेजी से बदलते माहौल और सरकार की विकास नीति को दर्शाता है।
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ढाई वर्षों में बस्तर में खुलीं 31 बैंक शाखाएं
विभिन्न जिलों में तेजी से बढ़ा बैंकिंग नेटवर्क
पिछले ढाई वर्षों में बस्तर संभाग के कई दूरस्थ इलाकों में बैंकिंग नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है।
बस्तर जिले में खुली शाखाएं
- आईसीआईसीआई बैंक – बादेककलूर
- आईडीएफसी फर्स्ट बैंक – जगदलपुर
- इंडसइंड बैंक – धरमपुरा
- एसबीआई होम लोन सेंटर – जगदलपुर
बीजापुर जिले में नई शाखाएं
- बैंक ऑफ बड़ौदा – बीजापुर और तर्रेम
- छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक – पामेड़
- आईसीआईसीआई बैंक – बीजापुर
- आईडीबीआई बैंक – बीजापुर
- एसबीआई – मड्डेड
दंतेवाड़ा जिले में विस्तार
- एचडीएफसी बैंक – चेरपाल
- आईसीआईसीआई बैंक – दंतेवाड़ा
- इंडियन ओवरसीज बैंक – दंतेवाड़ा और समलवार
- कोटक महिंद्रा बैंक – परचेली
- एसबीआई – काटेकल्याण
अन्य जिलों में भी बढ़ीं सुविधाएं
कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर और सुकमा जिलों में भी कई नई बैंक शाखाएं शुरू की गई हैं। इससे दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचने लगी हैं।
Chief Minister की पहल से ग्रामीणों को मिलेगा बड़ा फायदा
स्थानीय ग्रामीणों ने तर्रेम में बैंक शाखा खुलने पर खुशी जताई। लोगों का कहना है कि अब उन्हें छोटे-बड़े बैंकिंग कार्यों के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।
महिलाओं और युवाओं को मिलेगा लाभ
Chief Minister सरकार की इस पहल से महिलाओं को स्वरोजगार योजनाओं से जुड़ने में आसानी होगी। वहीं युवाओं को लोन, डिजिटल बैंकिंग और वित्तीय सहायता जैसी सेवाओं का लाभ मिलेगा।
इससे स्थानीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई दिशा मिलेगी।
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बस्तर में बदलती तस्वीर और आर्थिक सशक्तिकरण
बस्तर अब धीरे-धीरे भय और अभाव की पहचान से बाहर निकलकर विकास और आत्मनिर्भरता की नई राह पर आगे बढ़ रहा है। बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
सरकार का मानना है कि जब गांव-गांव तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचेंगी, तब विकास की गति और तेज होगी। इससे आदिवासी परिवारों का जीवन स्तर भी बेहतर होगा।
Chief Minister विष्णु देव साय सरकार के नेतृत्व में बस्तर में बैंकिंग सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। तर्रेम में बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा का उद्घाटन केवल एक बैंक शाखा की शुरुआत नहीं, बल्कि विकास, विश्वास और आर्थिक सशक्तिकरण की नई कहानी है।
आने वाले समय में यह पहल नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
