IAS Namrata Jain छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में शिक्षा और प्रशासन को लेकर नई मिसाल कायम कर रही हैं। दूरस्थ और नक्सल प्रभावित इलाकों में रहने वाले बच्चों तक स्कूल और सरकारी सेवाएं पहुंचाने के लिए उन्होंने “School Keinta” और “Sushasan Express” जैसी पहल शुरू की है।
इन अभियानों की मदद से अब तक 800 से अधिक बच्चों को पहली बार स्कूल से जोड़ा गया है, जबकि 10 हजार से ज्यादा आधार कार्ड अपडेट किए गए हैं।
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IAS Namrata Jain की School Keinta पहल क्या है
नारायणपुर जिले के जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों में लंबे समय से सड़क, स्कूल और प्रशासनिक सुविधाओं की भारी कमी रही है। नक्सल प्रभाव के कारण कई गांव मुख्यधारा से कटे हुए थे।
ऐसे में Namrata Jain ने “School Keinta” अभियान शुरू किया। इसका अर्थ है “स्कूल बुला रहा है”।
बच्चों तक पहुंची शिक्षा
इस पहल का मकसद सिर्फ स्कूल खोलना नहीं बल्कि उन बच्चों तक पहुंचना था जो कभी स्कूल गए ही नहीं।
प्रशासन ने 83 ग्राम पंचायतों के 22,364 घरों का सर्वे किया। इसमें 2,965 ऐसे बच्चे मिले जो स्कूल से बाहर थे।
इनमें 1,360 बच्चे कभी स्कूल नहीं गए थे, जबकि 1,605 बच्चे पढ़ाई छोड़ चुके थे।
IAS Namrata Jain ने कैसे बदली शिक्षा की तस्वीर
School Keinta अभियान के तहत प्रशासन ने 10 बंद पड़े स्कूलों को दोबारा शुरू किया। इसके साथ ही दूरस्थ गांवों में 24 नए प्राथमिक स्कूल खोले गए।
इससे 800 से अधिक बच्चों को पहली बार शिक्षा का अवसर मिला।
कोडेनार गांव में पहली बार खुला स्कूल
कोडेनार गांव में सिर्फ 14 परिवार रहते हैं। यहां आजादी के बाद पहली बार 25 फरवरी 2026 को स्कूल शुरू हुआ।
बच्चों ने पहली बार किताबें, यूनिफॉर्म और क्लासरूम देखा।
यहां पहली बार सामूहिक रूप से राष्ट्रगान भी गाया गया। गांव के सभी 25 बच्चों का उसी दिन नामांकन हुआ।
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IAS Namrata Jain ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बनाई नई व्यवस्था
रेकावाया-आमापारा इलाके में पहले माओवादी समूहों द्वारा संचालित “भूमकाल स्कूल” ही शिक्षा का एकमात्र माध्यम था।
जब प्रशासन वहां पहुंचा तो इस व्यवस्था को सरकारी शिक्षा प्रणाली में शामिल किया गया।
बच्चों के लिए बनाया गया हॉस्टल
प्रशासन ने वहां आवासीय छात्रावास भी शुरू किया ताकि बच्चों की पढ़ाई लगातार जारी रह सके।
इसके अलावा 49 नए आंगनबाड़ी केंद्र भी शुरू किए गए, जिनसे 1,200 से अधिक बच्चों को पोषण और प्रारंभिक शिक्षा मिल रही है।
Sushasan Express से गांवों तक पहुंची सरकार
IAS Namrata Jain की दूसरी बड़ी पहल “Sushasan Express” है। इसे जनवरी 2026 में शुरू किया गया।
यह एक मोबाइल प्रशासनिक सेवा है जो दूरस्थ गांवों में जाकर सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराती है।
10 हजार से ज्यादा Aadhaar अपडेट
इस अभियान के तहत हजारों लोगों को आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, पेंशन सेवा और मनरेगा जॉब कार्ड जैसी सुविधाएं मिलीं।
अब तक 10,682 आधार अपडेट किए जा चुके हैं।
इसके अलावा वोटर रजिस्ट्रेशन और स्वास्थ्य सर्वे भी किए जा रहे हैं।
प्रशासन अब गांव तक पहुंच रहा
पहले जिन गांवों को प्रशासन के लिए पहुंच से बाहर माना जाता था, वहां अब नियमित दौरे हो रहे हैं।
दैनिक मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए हर आवेदन की निगरानी की जा रही है ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
IAS Namrata Jain की पहल बनी प्रेरणा
नारायणपुर जैसे संवेदनशील जिले में शिक्षा और शासन को गांव तक पहुंचाना बड़ी चुनौती थी।
लेकिन IAS Namrata Jain की पहल ने यह साबित कर दिया कि सही रणनीति और इच्छाशक्ति से बदलाव संभव है।
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IAS Namrata Jain की पहल ने छत्तीसगढ़ के दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नई उम्मीद जगाई है। School Keinta और Sushasan Express जैसे अभियानों ने सैकड़ों बच्चों को शिक्षा से जोड़ा और हजारों लोगों तक सरकारी सेवाएं पहुंचाईं।
नारायणपुर में हो रहा यह बदलाव सिर्फ प्रशासनिक सफलता नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन की मिसाल भी बनता जा रहा है। IAS Namrata Jain की यह पहल आने वाले समय में देश के अन्य दूरस्थ इलाकों के लिए भी मॉडल बन सकती है।
