Vishnu Deo Sai ने सुशासन तिहार के तहत बलरामपुर जिले के दौरे के दौरान ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) पहुंचकर प्रशिक्षण प्राप्त कर रही पशु सखियों से आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण गतिविधियों का अवलोकन कर महिलाओं और युवाओं का उत्साहवर्धन किया।
मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण कक्ष में पहुंचकर “जय बिहान” कहकर सभी प्रशिक्षणार्थियों का अभिवादन किया। इस दौरान उन्होंने पशुपालन प्रशिक्षण ले रही महिलाओं से बातचीत कर उनके अनुभव भी जाने।
Vishnu Deo Sai ने RSETI में जाना प्रशिक्षण का हाल
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में संचालित RSETI संस्थान में मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने विभिन्न प्रशिक्षण गतिविधियों की जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार कौशल विकास कार्यक्रम चला रही है। मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण ले रही पशु सखियों के कार्यों की सराहना भी की।
पशु सखियों से किया आत्मीय संवाद
मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने पशुपालन प्रशिक्षण ले रही महिलाओं से सीधे संवाद किया। उन्होंने पूछा कि प्रशिक्षण से उन्हें किस प्रकार लाभ मिल रहा है और गांवों में वे किस तरह सेवाएं दे रही हैं।
महिलाओं ने बताया कि प्रशिक्षण के जरिए उन्हें पशुपालन और ग्रामीण सेवा कार्यों में नई जानकारी और तकनीकी सहायता मिल रही है।
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अनुराधा गुप्ता ने साझा किया अनुभव
विकासखंड रामचंद्रपुर के बगरा क्लस्टर अंतर्गत ग्राम केवली की अनुराधा गुप्ता ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे बिहान योजना से जुड़कर पशु सखी के रूप में कार्य कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि वे गांवों में पशुओं का सर्वे करती हैं और पशु चिकित्सकों को सहयोग देती हैं। साथ ही ग्रामीणों को पशुपालन और पशुओं की बीमारियों के प्रति जागरूक भी करती हैं।
अनुराधा ने बताया कि RSETI द्वारा दिए जा रहे प्रशिक्षण से उनके काम में और अधिक दक्षता आई है।
Vishnu Deo Sai ने स्वरोजगार को बताया प्राथमिकता
मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने कहा कि राज्य सरकार स्वरोजगार और कौशल विकास को प्राथमिकता दे रही है।
उन्होंने कहा कि RSETI जैसे संस्थान केवल प्रशिक्षण केंद्र नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का माध्यम भी हैं। ऐसे संस्थानों से गांवों में रोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।
RSETI से 510 प्रशिक्षणार्थियों को मिला लाभ
जिला बलरामपुर-रामानुजगंज में संचालित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के माध्यम से अब तक 16 बैचों में 510 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में विभिन्न उद्यमी क्षेत्रों से जुड़े कौशल सिखाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य युवाओं और महिलाओं को सूक्ष्म उद्यमिता और स्वरोजगार के लिए तैयार करना है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही मजबूती
Vishnu Deo Sai ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार बढ़ने से गांवों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
सरकार चाहती है कि ग्रामीण महिलाएं और युवा केवल नौकरी पर निर्भर न रहें, बल्कि अपने व्यवसाय और उद्यम शुरू कर आर्थिक रूप से सक्षम बनें।
RSETI और बिहान जैसी योजनाएं इसी दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
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Vishnu Deo Sai ने आत्मनिर्भर गांवों का दिया संदेश
मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने कहा कि आत्मनिर्भर गांव ही मजबूत छत्तीसगढ़ की नींव हैं।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार ग्रामीण विकास, कौशल प्रशिक्षण और महिला सशक्तिकरण के लिए लगातार काम करती रहेगी। मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षणार्थियों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
Vishnu Deo Sai का बलरामपुर दौरा ग्रामीण स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। RSETI के माध्यम से युवाओं और महिलाओं को नए अवसर मिल रहे हैं, जिससे गांवों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।
सरकार की यह पहल आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के निर्माण में अहम भूमिका निभा सकती है।
