Chief Minister विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। राज्य सरकार ने महिलाओं के नाम पर होने वाले भूमि रजिस्ट्रेशन शुल्क में 50 प्रतिशत की कटौती करने का निर्णय लिया है। इस फैसले की आधिकारिक अधिसूचना 6 मई 2026 को राजपत्र में प्रकाशित कर दी गई।
यह फैसला महिलाओं को संपत्ति का अधिकार दिलाने और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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महिलाओं को संपत्ति का मालिक बनाने की पहल
राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को संपत्ति खरीदने और उनके नाम पर जमीन दर्ज कराने के लिए प्रोत्साहित करना है। सरकार का मानना है कि जब महिलाओं के नाम संपत्ति होगी तो उनकी सामाजिक स्थिति और आर्थिक सुरक्षा दोनों मजबूत होंगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में यह योजना महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाएगी। इससे परिवारों में महिलाओं की भागीदारी और निर्णय लेने की क्षमता भी मजबूत होगी।
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Chief Minister विष्णु देव साय का विजन
महिलाओं के सर्वांगीण विकास पर जोर
Chief Minister विष्णु देव साय ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जमीन का मालिकाना हक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में बड़ी भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत किए बिना प्रदेश का समग्र विकास संभव नहीं है। यही कारण है कि सरकार लगातार महिला हित में नई योजनाएं लागू कर रही है।
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रजिस्ट्रेशन शुल्क में 50% छूट कैसे मिलेगी?
राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार यदि किसी भी अचल संपत्ति का हस्तांतरण महिलाओं के पक्ष में किया जाता है, तो उस पर लागू रजिस्ट्रेशन शुल्क में सीधे 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
तत्काल प्रभाव से लागू
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह नियम तत्काल प्रभाव से लागू माना जाएगा। यानी अब महिलाओं के नाम पर जमीन या अन्य अचल संपत्ति की रजिस्ट्री कराने पर आधा शुल्क देना होगा।
इस फैसले से हजारों परिवारों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
सरकार पर कितना पड़ेगा आर्थिक भार?
153 करोड़ रुपये का अनुमानित असर
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि इस रियायत से राज्य सरकार को करीब 153 करोड़ रुपये के राजस्व का भार आएगा।
हालांकि उन्होंने इसे राजस्व हानि नहीं बल्कि महिला सशक्तिकरण में बड़ा निवेश बताया। सरकार का मानना है कि आने वाले समय में इसके सकारात्मक सामाजिक परिणाम देखने को मिलेंगे।
महिलाओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह निर्णय?
आर्थिक सुरक्षा में होगा बड़ा फायदा
विशेषज्ञों के अनुसार संपत्ति का स्वामित्व महिलाओं को आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाता है। इससे बैंक ऋण, निवेश और सामाजिक सम्मान जैसे कई क्षेत्रों में महिलाओं को फायदा मिलता है।
परिवारों में बढ़ेगी भागीदारी
जब महिलाओं के नाम पर संपत्ति होगी, तब परिवार और समाज में उनकी निर्णय लेने की भूमिका भी मजबूत होगी। यह कदम महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
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अधिसूचना में क्या कहा गया है?
राजपत्र अधिसूचना के मुताबिक महिलाओं के पक्ष में निष्पादित अचल संपत्ति के हस्तांतरण दस्तावेजों पर लागू रजिस्ट्रेशन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
यह प्रावधान पूरे छत्तीसगढ़ में लागू रहेगा और इसका लाभ सीधे महिलाओं को मिलेगा।
Chief Minister विष्णु देव साय सरकार का यह फैसला छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। महिलाओं के नाम पर जमीन रजिस्ट्री में 50 प्रतिशत छूट न केवल आर्थिक राहत देगी बल्कि उन्हें संपत्ति का अधिकार और सामाजिक सुरक्षा भी प्रदान करेगी।
आने वाले समय में यह निर्णय महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और समाज में उनकी भागीदारी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
