Guwahati में छत्तीसगढ़ पुलिस की एक टीम पर रिश्वत मांगने और लेने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस मामले में एक इंस्पेक्टर समेत चार पुलिसकर्मियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। घटना के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, रायपुर से आई पुलिस टीम साइबर फ्रॉड मामले की जांच के सिलसिले में असम पहुंची थी। टीम ने विभिन्न राज्यों में आरोपियों की तलाश करते हुए पहले बिहार में एक व्यक्ति को पकड़ा और बाद में गुवाहाटी से तीन अन्य लोगों को हिरासत में लिया।
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Guwahati में रिश्वत लेने का आरोप कैसे लगा
मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब हिरासत में लिए गए दो आरोपियों ने दिसपुर पुलिस स्टेशन पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि उन्हें पैसे देने के बाद छोड़ा गया, जबकि एक अन्य आरोपी को तब तक हिरासत में रखा गया जब तक कथित रिश्वत की रकम की व्यवस्था नहीं हुई।
पुलिस स्टेशन पहुंचकर की शिकायत
आरोपियों की शिकायत के बाद Guwahati पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई। पुलिस ने मामले की प्राथमिक जांच शुरू की और छत्तीसगढ़ पुलिस टीम के चार सदस्यों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया।
मामले में एक इंस्पेक्टर, एक हेड कांस्टेबल और दो कांस्टेबलों के नाम शामिल बताए जा रहे हैं।
साइबर फ्रॉड जांच के दौरान बढ़ा विवाद
रायपुर से आई पुलिस टीम एक साइबर धोखाधड़ी मामले की जांच कर रही थी। जांच के दौरान टीम ने कई संदिग्धों को ट्रैक किया था।
अधिकारियों के अनुसार, असम में पकड़े गए तीन आरोपियों से पूछताछ चल रही थी, तभी रिश्वत लेने के आरोप सामने आए।
Guwahati पुलिस ने शुरू की पूछताछ
मंगलवार देर रात चारों पुलिसकर्मियों को दिसपुर पुलिस स्टेशन लाया गया, जहां उनसे प्रारंभिक पूछताछ की गई।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोप जमानती प्रकृति के होने के कारण उन्हें नोटिस देकर छोड़ दिया गया। हालांकि जांच आगे बढ़ने पर दोबारा पेश होने के निर्देश दिए गए हैं।
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Guwahati पुलिस तैयार कर रही विस्तृत रिपोर्ट
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि शिकायत मिलते ही असम पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। आरोपों की सत्यता जांचने के लिए विशेष जांच अभियान चलाया गया।
जांच एजेंसियां अब पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही हैं, जिसे अदालत में पेश किया जाएगा।
विभागीय कार्रवाई की भी संभावना
सूत्रों के मुताबिक, जांच रिपोर्ट के आधार पर छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग द्वारा संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है।
मामले ने पुलिस कार्यप्रणाली और अंतरराज्यीय जांच प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
साइबर अपराध के आरोपी को भी मिली राहत
जिस आरोपी को हिरासत में रखा गया था, उसे बाद में व्यक्तिगत मुचलके पर रिहा कर दिया गया।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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Guwahati मामले से बढ़ी पुलिस विभाग की मुश्किलें
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों से पुलिस विभाग की छवि प्रभावित होती है। अंतरराज्यीय जांच के दौरान पारदर्शिता और कानूनी प्रक्रिया का पालन बेहद जरूरी होता है।
इस घटना के बाद छत्तीसगढ़ और असम पुलिस के बीच समन्वय और जांच प्रक्रिया को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
Guwahati में छत्तीसगढ़ पुलिस टीम पर लगे रिश्वतखोरी के आरोप ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। साइबर फ्रॉड जांच के बीच सामने आए इस मामले ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। फिलहाल असम पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आने वाले दिनों में रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
