नई दिल्ली, 4 अप्रैल 2025। संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने मणिपुर में राष्ट्रपति शासन पर आधी रात को बहस कराने के फैसले का बचाव किया। उन्होंने कहा कि इस पर विपक्ष से चर्चा की गई थी और यह फैसला दोनों सदनों की बिजनेस एडवायजरी कमेटी में लिया गया।
⏰ आधी रात को बहस क्यों?
रिजिजू ने कहा कि संविधान के नियमों के अनुसार राष्ट्रपति शासन को दो महीने के भीतर संसद की मंजूरी जरूरी होती है। इसलिए इसे संसद सत्र के दौरान पारित करना अनिवार्य था।
उन्होंने यह भी बताया कि विपक्ष ने सप्ताहांत पर चर्चा से इनकार किया और होली की छुट्टी की भरपाई के लिए शनिवार को सदन चलाने पर भी सहमति नहीं बनी।

🏛 लोकसभा और राज्यसभा में कब हुई बहस?
- लोकसभा में मणिपुर पर बहस गुरुवार को रात 2 बजे शुरू हुई।
- राज्यसभा में चर्चा शुक्रवार को रात 2:30 बजे शुरू हुई।
इससे पहले, वक्फ (संशोधन) विधेयक को पारित करने के बाद ही मणिपुर पर बहस शुरू की गई।
🚨 खड़गे ने सुबह बहस कराने की अपील की, सरकार ने ठुकराया
राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शुक्रवार सुबह 11 बजे बहस कराने का सुझाव दिया। लेकिन सरकार ने इसे ठुकरा दिया और तय कार्यक्रम के अनुसार ही बहस कराई गई।
📌 रिजिजू का बयान
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह चर्चा विपक्ष की सहमति से ही रात में कराई गई और सरकार ने हर संभव विकल्प पर चर्चा की थी।
