जांजगीर-चांपा: जिले में बिजली उपभोक्ताओं पर कुल ₹2 अरब 22 करोड़ 44 लाख 88 हजार रुपए का बिजली बकाया है, जिसमें 31 सरकारी विभागों के दफ्तर भी शामिल हैं। हैरानी की बात यह है कि कलेक्टर कार्यालय, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, पीडब्ल्यूडी, पीएचई, नगर पंचायत और नगर पालिका परिषदों सहित कई बड़े सरकारी संस्थानों ने भी सालों से बिजली बिल का भुगतान नहीं किया है।
बकायेदारों में सबसे आगे सरकारी विभाग
जिले में सबसे अधिक बिजली बकाया सरकारी विभागों पर है। बिजली विभाग के अनुसार:
1️⃣ नगर पालिका परिषद जांजगीर-नैला, चांपा और अकलतरा – ₹25.57 करोड़
2️⃣ नगर पंचायतों पर – ₹21.28 करोड़
3️⃣ शिक्षा विभाग पर – ₹3.78 करोड़
4️⃣ महिला एवं बाल विकास विभाग पर – ₹2.05 करोड़
5️⃣ पुलिस विभाग पर – ₹1 करोड़ से अधिक
6️⃣ राजस्व विभाग पर – ₹2 करोड़ से अधिक

आम जनता का 5000 भी बकाया तो कट जाता है कनेक्शन!
सरकारी विभागों के बिजली बिल न भरने का असर आम जनता पर भी पड़ रहा है। जहां आम नागरिकों का ₹5,000 का बिल बकाया होते ही बिजली कनेक्शन काट दिया जाता है, वहीं सरकारी दफ्तरों पर सालों से करोड़ों की देनदारी बनी हुई है। इस दोहरे मापदंड से जनता में नाराजगी है।
बिजली विभाग ने भेजे नोटिस, जल्द होगी कार्रवाई
बिजली विभाग, चांपा के अधिकारी एके भारद्वाज के अनुसार, “सरकारी और निजी उपभोक्ताओं को लगातार नोटिस भेजे जा रहे हैं। अगर जल्द ही भुगतान नहीं किया गया तो कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाएगी। जनता से अनुरोध है कि समय पर बिजली बिल भरें, ताकि किसी भी प्रकार की समस्या न हो।”
बिजली बिल हाफ योजना के बावजूद हालात जस के तस
पूर्व कांग्रेस सरकार द्वारा लाई गई ‘बिजली बिल हाफ’ योजना के बावजूद प्रदेश में बिजली विभाग की वित्तीय स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। सरकारी विभागों का बकाया लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे बिजली आपूर्ति और रखरखाव पर असर पड़ रहा है।
क्या सरकारी विभागों के कनेक्शन भी कटेंगे?
बिजली विभाग ने सख्ती दिखाने की बात कही है, लेकिन सवाल यह है कि क्या सरकारी कार्यालयों के कनेक्शन भी काटे जाएंगे, या फिर कार्रवाई सिर्फ आम जनता पर ही लागू होगी? अगर सरकारी विभाग जल्द भुगतान नहीं करते हैं तो जिले में बिजली व्यवस्था और अधिक खराब हो सकती है।
