पालघर में शिकार बना मौत का कारण, साथी की गोली से व्यक्ति की मौत, 9 गिरफ्तार

महाराष्ट्र के पालघर जिले के माणोर जंगल में शिकार के दौरान एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब एक शिकारी ने अपने ही साथी को गलती से जानवर समझकर गोली मार दी। यह घटना 29 जनवरी को हुई थी, लेकिन इसका खुलासा तब हुआ जब मृतक की पत्नी ने 5 दिन बाद पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने अब तक 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि 3 अभी फरार हैं

कैसे हुआ हादसा?

माणोर थाना प्रभारी रणवीर बायस ने बताया कि बोर्शेटी गांव के 12 लोग 28 जनवरी को जंगल में शिकार के लिए गए थे। उन्होंने 60 वर्षीय रमेश वार्था को भी आमंत्रित किया, जो अगले दिन 29 जनवरी की सुबह 6 बजे जंगल में पहुंचा

इस दौरान, केलवा निवासी सागर हडाल (28) के पास एक देशी बंदूक थी। जब रमेश झाड़ियों के बीच से अपनी टीम की ओर बढ़ रहे थे, तब हडाल ने उन्हें जानवर समझकर गोली चला दी। गोली सीधे रमेश को लगी और उनकी मौके पर ही मौत हो गई

घबराकर शव को छिपाया

जब आरोपियों को अपनी गलती का अहसास हुआ, तो वे घबरा गए और रमेश के शव को जंगल में ही झाड़ियों में फेंक दिया। इसके बाद सभी लोग अपने गांव लौट आए और घटना को छिपाने का प्रयास किया।

पत्नी की शिकायत से हुआ खुलासा

जब रमेश वार्था पांच दिन तक घर नहीं लौटे, तो उनकी पत्नी अमिता वार्था (55) ने 3 फरवरी को पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। जांच के दौरान पुलिस ने 28 जनवरी को शिकार पर गए 9 लोगों को हिरासत में लिया, जिन्होंने पूछताछ में अपराध कबूल कर लिया

गिरफ्तार आरोपी और पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने अब तक 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है:

  1. सागर हडाल (28) – जिसने गोली चलाई थी
  2. सिद्धू भूतकड़े (52)
  3. भावेश भूतकड़े (28)
  4. एकनाथ भूतकड़े (42)
  5. शांताराम भूतकड़े (65)
  6. विशाल घराट (31)
  7. मध्या वावरे (49)
  8. वामन परहद (65)
  9. दिनेश वधाली (42)

पुलिस ने रमेश के शव को जंगल से बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा के तहत आरोपियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया है। पुलिस बाकी तीन फरार आरोपियों की तलाश कर रही है

अवैध शिकार की पोल खुली

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी अक्सर जंगल में अवैध रूप से शिकार करते थे। वे जंगली सूअर, खरगोश और हिरण का शिकार कर उनके मांस का उपयोग करते थे। आमतौर पर वे जंगल के जलस्रोतों के पास जाल बिछाते थे, क्योंकि जानवर वहां पानी पीने आते थे।

अब पालघर पुलिस इस पूरे गिरोह के अवैध शिकार के मामलों की भी जांच कर रही है