लोकसभा में ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ बिल पेश, भाजपा ने अनुपस्थित सांसदों को भेजने की तैयारी की नोटिस

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के बहुप्रतीक्षित “वन नेशन, वन इलेक्शन” बिल को आज लोकसभा में पेश किया गया। इस दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 20 से अधिक सांसद सदन में अनुपस्थित रहे, जिससे पार्टी के भीतर नाराजगी जाहिर हुई है। भाजपा ने पहले ही तीन-पंक्ति का व्हिप जारी कर अपने सांसदों को सदन में उपस्थित रहने का निर्देश दिया था।

सूत्रों के मुताबिक, अनुपस्थित रहने वाले सांसदों को नोटिस भेजने की तैयारी की जा रही है। हालांकि, इन सांसदों की अनुपस्थिति के बावजूद संविधान संशोधन के लिए लाए गए दो विधेयकों को पारित करने में कोई बाधा नहीं आई।

विधेयक पर बहस और कांग्रेस का विरोध
संविधान (129वां संशोधन) विधेयक को आज कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में पेश किया। यह विधेयक देश में एकसमान चुनाव प्रणाली लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसे साधारण बहुमत से पास किया गया, जहां 269 सांसदों ने समर्थन में और 198 ने विरोध में मतदान किया।

कांग्रेस ने विधेयक का विरोध करते हुए इसे संविधान के खिलाफ बताया। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा, “सरकार के पास संख्या बल तो है, लेकिन संविधान संशोधन के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत उनके पास नहीं है। ऐसे में इस विधेयक को आगे बढ़ाना सही नहीं है।”

संसदीय समिति को भेजा जाएगा विधेयक
सरकार ने विधेयक पर व्यापक चर्चा के लिए इसे एक संसदीय समिति को भेजने का प्रस्ताव रखा है। इस प्रक्रिया में सभी राजनीतिक दलों और राज्यों की सहमति लेना महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि इस संशोधन के लिए न केवल संसद बल्कि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की विधानसभाओं की भी स्वीकृति आवश्यक है।

कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इस बिल को संविधान के बुनियादी ढांचे के खिलाफ बताते हुए इसका कड़ा विरोध किया है। हालांकि, कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने स्पष्ट किया कि यह विधेयक चुनावी प्रक्रिया को सरल और समन्वित बनाने के उद्देश्य से लाया गया है और यह संविधान की बुनियादी संरचना को कोई नुकसान नहीं पहुंचाएगा।