बेंगलुरु के सॉफ्टवेयर इंजीनियर अतुल सुभाष की आत्महत्या के मामले में उनकी पत्नी निकिता सिंघानिया और उनके परिवार के दो सदस्यों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अदालत ने बेंगलुरु पुलिस द्वारा हरियाणा और उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किए गए आरोपियों को पेश करने के बाद यह फैसला सुनाया।
मामले का विवरण
34 वर्षीय अतुल सुभाष ने आत्महत्या से पहले एक वीडियो और सुसाइड नोट छोड़ा था, जिसमें उन्होंने अपनी पत्नी निकिता सिंघानिया और उनके परिवार पर मानसिक प्रताड़ना और झूठे मामले दर्ज कर उन्हें परेशान करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह उत्पीड़न उनकी आत्महत्या का कारण बना।

इस मामले ने सोशल मीडिया पर भी बहस छेड़ दी, जहां कई लोगों ने निकिता और उनके परिवार की गिरफ्तारी की मांग की।
कानूनी कार्रवाई
अतुल सुभाष के सुसाइड नोट और वीडियो के आधार पर बेंगलुरु पुलिस ने निकिता और उनके तीन परिवार के सदस्यों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और धारा 3(5) (सामूहिक आपराधिक इरादा) के तहत एफआईआर दर्ज की।
निकिता और उनके परिवार ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत की अर्जी दायर की है, जिसकी सुनवाई अभी बाकी है।
सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका
इस घटना के बाद सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है। याचिका में पुरुषों के खिलाफ दहेज और घरेलू हिंसा के कानूनों के कथित दुरुपयोग का मामला उठाते हुए, इन कानूनों के दुरुपयोग को रोकने के लिए दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई है।
