भिलाई: एस्टेट कोर्ट के आदेश के अनुपालन में भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) के टाउन सर्विसेज डिपार्टमेंट (टीएसडी) के प्रवर्तन अनुभाग ने पुलिस और कार्यकारी मजिस्ट्रेट विश्वामित्र दीवान की उपस्थिति में सेक्टर-05 स्थित आवास संख्या 1बी/40 को सील कर दिया। यह आवास पूर्व प्रबंधक (वित्त) एम आर ठाकुर को 1 अगस्त 2014 से 31 जुलाई 2016 तक उनके सेवानिवृत्ति के बाद रहने के लिए आवंटित किया गया था।
अवैध कब्जे के कारण हुई कार्रवाई:
आवंटन अवधि समाप्त होने के बाद भी एम आर ठाकुर ने आवास खाली नहीं किया। इसके बाद, 2017 में एस्टेट कोर्ट ने उक्त आवास खाली करने का आदेश जारी किया। अदालत के आदेश के बावजूद, ठाकुर ने आवास खाली नहीं किया, जिससे बीएसपी प्रबंधन को सख्त कदम उठाने पड़े।

27 नवंबर 2024 को हुई कार्रवाई:
टीएसडी ने 27 नवंबर को सख्त निष्कासन प्रक्रिया को अंजाम दिया। इस कार्रवाई में पीएचडी विभाग, जिला पुलिस बल, कोतवाली पुलिस स्टेशन सेक्टर-06, महिला पुलिस बल, जनसंपर्क विभाग, टीईईडी विभाग, सिविल विभाग, एस्टेट कोर्ट के कर्मचारी और निजी सुरक्षा गार्डों सहित लगभग 100 लोगों की टीम शामिल थी।
संपत्ति जब्त और पंजीकरण किया गया:
कार्रवाई के दौरान घर का सामान जब्त कर पंचनामा तैयार कर कार्यकारी मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में एस्टेट कोर्ट को सौंप दिया गया। भिलाई स्टील प्लांट प्रबंधन ने कहा है कि अवैध कब्जे, भूमि माफियाओं और अनधिकृत दलालों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी।
अवैध कब्जाधारकों पर होगी कड़ी कार्रवाई:
बीएसपी प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया कि अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी और भविष्य में किसी भी अनधिकृत कब्जे के मामलों में सख्त आदेश जारी किए जाएंगे।
