संबल की शाही जामा मस्जिद का मामला: सुप्रीम कोर्ट पहुंचे प्रबंधन समिति, हिंसा के बाद हालात तनावपूर्ण

संबल: उत्तर प्रदेश के संबल में शाही जामा मस्जिद का सर्वेक्षण विवाद गहराता जा रहा है। मस्जिद की प्रबंधन समिति ने स्थानीय अदालत के आदेश पर चल रहे सर्वेक्षण के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ शुक्रवार को इस याचिका पर सुनवाई करेगी।

हिंसा में चार की मौत, कई घायल
रविवार को मस्जिद सर्वेक्षण के विरोध में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़पें हुईं, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और कई पुलिसकर्मी व अधिकारी घायल हो गए। सोमवार को एक और घायल व्यक्ति की मौत हो गई।

तनाव का कारण और सर्वे का विवाद
19 नवंबर को अदालत के आदेश पर शाही जामा मस्जिद का पहला सर्वेक्षण किया गया था। एक याचिका में दावा किया गया था कि मस्जिद के स्थान पर कभी हरिहर मंदिर हुआ करता था। इसके बाद से ही क्षेत्र में तनाव बढ़ता गया।

आरोपियों की पहचान और कार्रवाई
पुलिस ने हिंसा में शामिल करीब 100 लोगों की तस्वीरें जारी की हैं। ये तस्वीरें CCTV फुटेज और वीडियो के आधार पर जुटाई गई हैं। आरोपियों की पहचान के लिए ये तस्वीरें सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा की जाएंगी और सोशल मीडिया पर भी साझा की जाएंगी।

उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने कहा, “हिंसा में शामिल लोगों से सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई की जाएगी। पत्थरबाजों और उपद्रवियों के पोस्टर सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जाएंगे और गिरफ्तारी की सूचना देने वालों को इनाम दिया जा सकता है।”

राजनीतिक नेताओं पर एफआईआर
हिंसा के बाद पुलिस ने समाजवादी पार्टी के संबल सांसद जिया-उर-रहमान बर्क और विधायक इकबाल महमूद के बेटे सोहेल महमूद के खिलाफ हिंसा भड़काने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज की है। मस्जिद प्रबंधन समिति के सदस्य अधिवक्ता ज़फर अली पर भी दूसरा सर्वेक्षण होने की जानकारी लीक करने का आरोप है।

सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर नजरें
अब इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से यह तय होगा कि मस्जिद के सर्वेक्षण पर रोक लगेगी या इसे जारी रखा जाएगा।