राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र से माओवादी हिंसा के पीड़ितों से मुलाकात की। इस अवसर पर राष्ट्रपति मुर्मू ने समाज में शांति और सद्भाव की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि कोई भी उद्देश्य हिंसा के रास्ते को अपनाने को सही नहीं ठहरा सकता, क्योंकि हिंसा से समाज को हमेशा बड़ा नुकसान उठाना पड़ता है।
राष्ट्रपति ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि हिंसा का मार्ग समाज के लिए बहुत महंगा साबित होता है और इससे किसी भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं मिल सकता। उन्होंने वामपंथी उग्रवादियों से अपील की कि वे हिंसा का रास्ता छोड़ दें और बातचीत के माध्यम से अपने मुद्दों को हल करने के लिए सरकार के साथ सहयोग करें।
राष्ट्रपति मुर्मू ने यह भी आश्वासन दिया कि सरकार उनके सभी समस्याओं को हल करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि समाज में शांति और प्रगति तभी संभव है जब सभी नागरिक अपने मतभेदों को बातचीत के माध्यम से सुलझाने की दिशा में काम करें, न कि हिंसा और आतंक के माध्यम से।
राष्ट्रपति मुर्मू की यह मुलाकात बस्तर क्षेत्र में माओवादी हिंसा से प्रभावित लोगों के लिए आशा की एक किरण है। सरकार का प्रयास है कि इस क्षेत्र में स्थिरता और शांति स्थापित की जाए, जिससे लोगों का जीवन बेहतर हो सके।