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No Bag Day Surajpur: नो बैग डे पर बच्चों ने किया श्रमदान, लगाए फलदार पौधे और सब्जियों के बीज

रायपुर, 28 जुलाई 2026। No Bag Day Surajpur छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के बस्तामुक्त विद्यालय शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला रुनियाडीह में शनिवार को विद्यार्थियों ने पढ़ाई के साथ प्रकृति संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी का अनूठा उदाहरण पेश किया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत आयोजित नो बैग डे पर छात्रों ने श्रमदान किया, पोषण वाटिका का रख-रखाव किया और फलदार पौधों के साथ सब्जियों के बीज भी लगाए।

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No Bag Day Surajpur: राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की अनूठी पहल

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत नो बैग डे का उद्देश्य बच्चों के शैक्षणिक बोझ और मानसिक तनाव को कम करना है। इस दिन छात्र बिना किताबों के विद्यालय पहुंचते हैं और खेलकूद, कला, रचनात्मक गतिविधियों, पर्यावरण संरक्षण तथा व्यावहारिक शिक्षा से जुड़ी गतिविधियों में भाग लेते हैं।

इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए सूरजपुर जिले के रुनियाडीह विद्यालय में पोषण वाटिका निर्माण एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम सूरजपुर कलेक्टर श्रीमती रेना जमील के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

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No Bag Day Surajpur: यूथ एवं इको क्लब की अगुवाई में हुआ श्रमदान

विद्यालय के संस्था प्रमुख श्री सीमांचल त्रिपाठी ने बताया कि यूथ एवं इको क्लब की प्रभारी श्रीमती एम. टोप्पो के नेतृत्व में क्लब अध्यक्ष वर्षा राजवाड़े सहित छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक श्रमदान किया।

विद्यार्थियों ने पोषण वाटिका से खरपतवार हटाए, पौधों की देखभाल की और विद्यालय परिसर को स्वच्छ एवं हराभरा बनाने में योगदान दिया। इस गतिविधि के माध्यम से बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण का मजबूत संदेश भी दिया।


एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत लगाए गए पौधे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान तथा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप शासकीय उद्यान दतिमा से पौधे उपलब्ध कराए गए।

विद्यालय परिसर में नीम, पीपल, आम, पपीता, मुनगा और केला सहित विभिन्न फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया गया। साथ ही पोषण वाटिका में बरबटी, लौकी और करेला जैसी पौष्टिक सब्जियों के बीज भी बोए गए, जिससे भविष्य में विद्यार्थियों को ताजा एवं पौष्टिक खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।

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No Bag Day Surajpur: विद्यार्थियों के पोषण का मजबूत आधार बनी पोषण वाटिका

संस्था प्रमुख ने बताया कि विद्यालय परिसर में पहले से ही आम, जामुन, कटहल, अमरूद, पपीता, केला और अनानास जैसे फलदार वृक्ष मौजूद हैं। इन वृक्षों से प्राप्त फल विद्यार्थियों के दैनिक पोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

नई पौधरोपण गतिविधि से विद्यालय की पोषण वाटिका और अधिक समृद्ध होगी। इससे बच्चों में जैविक खेती, पर्यावरण संरक्षण और पौष्टिक आहार के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।


शिक्षकों और बाल कैबिनेट की रही सक्रिय भागीदारी

कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षक श्री रिजवान अंसारी, श्रीमती सुमित्रा राजवाड़े, नान दईया तथा विद्यालय की बाल कैबिनेट के सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई।

सभी ने मिलकर पौधों की सुरक्षा, नियमित देखभाल और पोषण वाटिका के संरक्षण का संकल्प लिया। इससे विद्यार्थियों में सामूहिक कार्य, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना भी विकसित हुई।


राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों को मिल रही मजबूती

नो बैग डे जैसी गतिविधियां केवल बच्चों का मानसिक तनाव कम नहीं करतीं, बल्कि उन्हें व्यवहारिक शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, श्रम का सम्मान और टीमवर्क जैसी महत्वपूर्ण जीवन कौशल भी सिखाती हैं।

ऐसे आयोजन विद्यालयों को केवल शिक्षा का केंद्र ही नहीं, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय जागरूकता का भी केंद्र बना रहे हैं।


No Bag Day Surajpur यह दर्शाता है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत शुरू की गई पहल बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। रुनियाडीह विद्यालय में आयोजित श्रमदान, पोषण वाटिका निर्माण और पौधरोपण कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को प्रकृति संरक्षण, पोषण और सामाजिक जिम्मेदारी का व्यावहारिक पाठ पढ़ाया। भविष्य में ऐसे आयोजन पर्यावरण संरक्षण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दोनों को नई दिशा देने में सहायक सिद्ध होंगे।

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