रायपुर, 28 जुलाई 2026। Bihan Scheme Success Story का एक प्रेरक उदाहरण छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से सामने आया है। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि समाज में भी सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। ग्राम खैरबार की श्रीमती लक्ष्मी यादव इसकी जीवंत मिसाल हैं, जिन्होंने ‘बिहान’ से जुड़कर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की और पोषण सखी के रूप में ग्रामीण महिलाओं व बच्चों के स्वास्थ्य सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
Bihan Scheme Success Story: स्वयं सहायता समूह से बदली जिंदगी
सरगुजा जिले के ग्राम खैरबार निवासी लक्ष्मी यादव बताती हैं कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ने से पहले उनके परिवार की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर थी। दैनिक जरूरतों को पूरा करना भी कठिन हो जाता था। ऐसे समय में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ उनके जीवन में नई उम्मीद लेकर आया।
बिहान योजना से जुड़ने के बाद उन्हें पोषण सखी के रूप में कार्य करने का अवसर मिला। इससे उनकी नियमित आय शुरू हुई और परिवार की आर्थिक स्थिति में लगातार सुधार होने लगा। आज वे आत्मनिर्भर जीवन जी रही हैं और अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई हैं।
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Bihan Scheme Success Story: पोषण सखी बनकर निभा रहीं सामाजिक जिम्मेदारी
पोषण सखी के रूप में लक्ष्मी यादव गांव-गांव और घर-घर जाकर गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को संतुलित एवं पौष्टिक आहार के महत्व की जानकारी देती हैं।
वे आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित गतिविधियों के दौरान महिलाओं को पोषण, स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देती हैं। इसके अलावा कुपोषित बच्चों की पहचान कर उनके परिवारों को नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, पौष्टिक भोजन और आंगनबाड़ी सेवाओं का लाभ लेने के लिए भी प्रेरित करती हैं।
उनके प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ रही है और कुपोषण मुक्त समाज के निर्माण को मजबूती मिल रही है।
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आर्थिक सशक्तिकरण को मिला नया आधार
लक्ष्मी यादव को पोषण सखी के रूप में प्रतिमाह लगभग 1,000 रुपये का मानदेय मिलता है।
इसके साथ ही उन्हें महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता भी प्राप्त होती है। इस राशि का उपयोग वे अपने बच्चों की शिक्षा, घरेलू जरूरतों और परिवार के दैनिक खर्चों में करती हैं।
दोनों योजनाओं से मिलने वाली सहायता ने उनके परिवार को आर्थिक मजबूती प्रदान की है और भविष्य के प्रति उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है।
Bihan Scheme Success Story: शासन की योजनाओं से बढ़ा आत्मविश्वास
लक्ष्मी यादव का कहना है कि राज्य सरकार की योजनाओं ने उन्हें केवल आर्थिक रूप से मजबूत नहीं बनाया बल्कि समाज सेवा का अवसर भी दिया है। स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और अब वे परिवार के साथ-साथ समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का बेहतर ढंग से निर्वहन कर पा रही हैं।
उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को देते हुए कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए संचालित योजनाओं ने ग्रामीण जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है।
राज्यभर में महिलाओं को मिल रहा लाभ
छत्तीसगढ़ में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’, पोषण अभियान और महतारी वंदन योजना के समन्वित क्रियान्वयन से हजारों महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं।
स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं स्वरोजगार, आजीविका गतिविधियों और सामाजिक जागरूकता अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं। लक्ष्मी यादव जैसी महिलाओं की सफलता अन्य ग्रामीण महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दे रही है।
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Bihan Scheme Success Story यह साबित करती है कि यदि महिलाओं को सही अवसर और सरकारी योजनाओं का सहयोग मिले तो वे अपने परिवार और समाज दोनों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। सरगुजा की लक्ष्मी यादव ने स्वयं सहायता समूह, पोषण सखी की जिम्मेदारी और महतारी वंदन योजना के सहयोग से आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल की है। उनकी सफलता छत्तीसगढ़ की हजारों महिलाओं के लिए प्रेरणा है और यह दर्शाती है कि ‘बिहान’ जैसी योजनाएं ग्रामीण महिलाओं के जीवन में स्थायी सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।
