Durg Rojgar Diwas का आयोजन 7 सितंबर 2026 को जिले की 11 ग्राम पंचायतों में चावल महोत्सव एवं आवास दिवस के साथ किया गया। कलेक्टर अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में हुए इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीणों को शासन की योजनाओं की जानकारी देने के साथ रोजगार, आवास, आजीविका और जल संरक्षण से जुड़े मामलों का समाधान करना रहा।
ग्राम पंचायत स्तर पर ग्रामीणों के साथ योजनाओं की प्रगति, लंबित प्रकरणों और आने वाले समय की कार्ययोजना को लेकर चर्चा की गई। प्रशासन ने स्वीकृत कार्यों को समय पर पूरा करने और योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया।
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Durg Rojgar Diwas में 11 ग्राम पंचायतों में आयोजन
अभियान के तहत जनपद पंचायत दुर्ग की अंजोरा, घनोरा और पुराई ग्राम पंचायतों में आयोजन हुआ। वहीं जनपद पंचायत धमधा की मोहलाई, दनिया और अचानकपुरी में भी ग्रामीणों के साथ योजनाओं को लेकर संवाद किया गया।
जनपद पंचायत पाटन की छाटा, फुण्डा, बटेना, पहडोर और निपानी ग्राम पंचायतों में भी रोजगार एवं आवास दिवस से संबंधित गतिविधियां आयोजित की गईं।
इन आयोजनों में ग्रामीणों से उनकी समस्याओं और लंबित मामलों की जानकारी ली गई तथा विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा की गई।
आवास के अधूरे काम जल्द पूरे कराने के निर्देश
ग्राम पंचायतों में स्वीकृत आवासों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए। पात्र हितग्राहियों को नियमानुसार राशि का त्वरित हस्तांतरण और भुगतान की जानकारी उपलब्ध कराने पर भी जोर रहा।
लंबित जियो-टैगिंग कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए, ताकि आवास योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी न हो।
जिला पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि रोजगार दिवस के जरिए ग्राम पंचायत स्तर पर योजनाओं की प्रगति और ग्रामीणों की समस्याओं को प्राथमिकता से लिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि स्वीकृत विकास कार्यों का समयबद्ध क्रियान्वयन, गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकताओं में है।
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Durg Rojgar Diwas में बेटियों और समूहों पर भी जोर
‘मेरी बेटी, मेरा अभिमान’ अभियान के तहत शासकीय विद्यालयों में बालिका शौचालय निर्माण को लेकर भी चर्चा हुई। ग्राम पंचायतों की मांग और ग्राम सभा के प्रस्ताव के आधार पर आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया गया।
इसके साथ ही स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को सामग्री आपूर्ति और विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं के लिए आय के अतिरिक्त अवसर विकसित करना है।
जल संरक्षण से बढ़ेगी ग्रामीणों की आय
अभियान में निर्मित आजीविका डबरी और नवा तरिया से जुड़े हितग्राहियों की आय बढ़ाने के लिए गतिविधि आधारित कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया गया।
रेन वाटर हार्वेस्टिंग में ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ाने तथा पहले से मौजूद जल संरचनाओं का बेहतर उपयोग करने के लिए भी जागरूक किया गया।
‘धार अपार अभियान’ के तहत नदियों और जलस्रोतों के चिन्हांकन के बाद उनके पुनर्जीवन के लिए ग्राम स्तर पर कार्ययोजना तैयार करने पर विचार किया गया। प्रशासन का जोर जल संरक्षण को ग्रामीण आजीविका से जोड़ने पर भी है।
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स्वीकृत कार्यों को धरातल पर उतारने की तैयारी
विकसित भारत जी-राम-जी योजना के तहत स्वीकृत कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया गया।
आगामी चरण में ग्राम पंचायतवार लंबित कार्यों की नियमित समीक्षा की जाएगी। अधूरे आवासों को प्राथमिकता से पूरा करने, जियो-टैगिंग और भुगतान से जुड़े मामलों का समय पर निराकरण करने की योजना है।
साथ ही जल संरक्षण संरचनाओं को आजीविका गतिविधियों से जोड़ने पर भी काम किया जाएगा। नदियों और जलस्रोतों के पुनर्जीवन के साथ स्व-सहायता समूहों को स्थानीय संसाधनों पर आधारित गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में आगे कार्रवाई होगी।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना – भारत सरकार
दुर्ग जिले में आयोजित Durg Rojgar Diwas के जरिए रोजगार, आवास, आजीविका और जल संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण ग्रामीण मुद्दों पर एक साथ फोकस किया गया। 11 ग्राम पंचायतों में हुए आयोजनों के दौरान लंबित प्रकरणों के निराकरण और स्वीकृत विकास कार्यों को तेजी से धरातल पर उतारने के निर्देश दिए गए। प्रशासन का लक्ष्य है कि योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचे और स्वीकृत कार्य समय पर दिखाई दें।
