Rakesh Mehta Death की खबर से दिल्ली के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर है। दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव और वरिष्ठ सेवानिवृत्त IAS अधिकारी राकेश मेहता का 6 सितंबर 2026 को नोएडा स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला बताया है। वह करीब 74-75 वर्ष के थे।
राकेश मेहता 1975 बैच के IAS अधिकारी थे और दिल्ली सरकार में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके थे। उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के कार्यकाल में दिल्ली के मुख्य सचिव के रूप में काम किया और राजधानी की प्रशासनिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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नोएडा आवास में कैसे सामने आया मामला?
पुलिस के अनुसार, राकेश मेहता नोएडा के सेक्टर-82 स्थित केंद्रीय विहार-2 में रहते थे। वह वहां करीब पांच वर्षों से रह रहे थे। घटना के समय वह आवास में अकेले थे।
परिवार के मुताबिक, उनकी पत्नी ने शनिवार रात उनसे बातचीत की थी। अगले दिन जब लगातार फोन करने के बावजूद संपर्क नहीं हो पाया तो परिवार ने सोसायटी के सुरक्षा कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी।
इसके बाद सुरक्षा कर्मचारियों ने उनके फ्लैट पर जाकर स्थिति देखी और पुलिस को सूचना दी। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए।
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Rakesh Mehta Death की वजह पर पुलिस ने क्या कहा?
पुलिस के मुताबिक, घटनास्थल से एक कथित नोट बरामद हुआ था। इसमें राकेश मेहता ने अपनी लंबी बीमारी और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का उल्लेख किया था तथा किसी अन्य व्यक्ति को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार नहीं बताया था।
पुलिस ने इसी आधार पर मौत को आत्महत्या बताया है। हालांकि, मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की गई है और फोरेंसिक तथा पोस्टमार्टम प्रक्रिया भी पूरी की गई।
रिपोर्टों के अनुसार, मेहता लंबे समय से उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक पुलिस ने उनकी बीमारी को इस घटना से जोड़कर देखा है।
कौन थे राकेश मेहता?
राकेश मेहता का प्रशासनिक करियर तीन दशक से अधिक लंबा रहा। 1975 बैच के IAS अधिकारी के तौर पर उन्होंने दिल्ली सरकार और नगर प्रशासन में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया।
वह 2007 में दिल्ली के मुख्य सचिव बने और नवंबर 2010 में सेवानिवृत्त हुए। उनके कार्यकाल में राजधानी में 2010 Commonwealth Games की तैयारियां और आयोजन हुए थे।
मुख्य सचिव बनने से पहले भी वह दिल्ली के प्रशासन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके थे। वह Municipal Corporation of Delhi (MCD) के Commissioner भी रहे थे।
दिल्ली प्रशासन में क्या रहा योगदान?
राकेश मेहता को दिल्ली में कई प्रशासनिक और शहरी सुधारों से जोड़ा जाता है। उनके कार्यकाल के दौरान परिवहन, बिजली और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण बदलाव हुए।
पूर्व सहयोगियों के अनुसार, वह प्रशासनिक फैसलों में सक्रिय भूमिका निभाने और सुधारों को लागू करने के लिए जाने जाते थे। 2010 Commonwealth Games की तैयारियों के दौरान भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही।
उनके कार्यकाल से बिजली क्षेत्र में निजीकरण, सार्वजनिक परिवहन में सुधार और दिल्ली की नागरिक व्यवस्था से जुड़े कई कदम जोड़े जाते हैं। MCD Commissioner के तौर पर भी उन्होंने कई अहम प्रशासनिक फैसले लिए थे।
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Rakesh Mehta Death के बाद अंतिम संस्कार
राकेश मेहता के निधन के बाद उनके परिवार ने दिल्ली के लोधी रोड स्थित श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया। उनके निधन पर पूर्व सहयोगियों और प्रशासनिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने दुख जताया तथा उनके लंबे सार्वजनिक सेवा करियर को याद किया।
उनकी मौत ऐसे समय में हुई जब वह सक्रिय सरकारी सेवा से कई वर्ष पहले ही सेवानिवृत्त हो चुके थे। इसके बावजूद दिल्ली के प्रशासनिक इतिहास में उनका नाम महत्वपूर्ण अधिकारियों में लिया जाता है।
Rakesh Mehta Death ने दिल्ली के प्रशासनिक जगत को गहरा झटका दिया है। 1975 बैच के IAS अधिकारी और पूर्व दिल्ली मुख्य सचिव के रूप में राकेश मेहता ने तीन दशक से अधिक समय तक सार्वजनिक सेवा की। पुलिस के अनुसार उनकी मौत आत्महत्या थी और घटनास्थल से मिले नोट में लंबी बीमारी का उल्लेख था। उनके प्रशासनिक योगदान, विशेषकर दिल्ली के मुख्य सचिव और MCD Commissioner के रूप में उनकी भूमिका, लंबे समय तक याद की जाएगी।
