Chhattisgarh Safety Audit को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुरुवार, 10 सितंबर 2026 को बड़ा और सख्त फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर के संभागायुक्तों, कलेक्टरों, पुलिस महानिरीक्षकों (IG) और पुलिस अधीक्षकों (SP) को हॉस्टल, PG आवास, कोचिंग सेंटर, स्कूल और बड़े शैक्षणिक भवनों का तत्काल निरीक्षण एवं सुरक्षा ऑडिट कराने के निर्देश दिए।
रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में CM Sai ने कहा कि छात्रों और नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। संभावित खतरे को दुर्घटना होने से पहले पहचानकर सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि प्रशासन की जिम्मेदारी किसी घटना या शिकायत के बाद कार्रवाई करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। जोखिमों की पहले पहचान कर उन्हें दूर करना जरूरी है।
देश-दुनिया और अपराध जगत की ताजा खबरों के लिए 4thnation WhatsApp Channel से जुड़ें
स्कूल, हॉस्टल और PG की होगी जांच
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जिला प्रशासन को स्कूलों, हॉस्टल, PG accommodations, कोचिंग संस्थानों और बड़े शैक्षणिक भवनों की वास्तविक स्थिति की जांच करनी होगी।
खास तौर पर पुराने और जर्जर भवनों का आकलन किया जाएगा। स्कूलों, लाइब्रेरी, हॉस्टल और सार्वजनिक स्थानों में यदि कोई भवन कमजोर या लोगों की जान के लिए जोखिम पैदा करने वाला पाया जाता है, तो उसके संबंध में तत्काल जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
Chhattisgarh Safety Audit में पुराने भवनों पर फोकस
Chhattisgarh Safety Audit का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य ऐसे भवनों की पहचान करना है, जिनमें लंबे समय से मरम्मत या सुरक्षा संबंधी समस्या बनी हुई है।
CM Sai ने अधिकारियों को केवल निरीक्षण तक सीमित नहीं रहने को कहा है। जांच के दौरान सामने आने वाली प्रत्येक सुरक्षा खामी को दूर करने के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय करनी होगी और निर्धारित अवधि में सुधारात्मक कार्रवाई पूरी करनी होगी।
कलेक्टर और SP को इन निर्देशों के क्रियान्वयन की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने और जिलों में जमीन पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
यह भी पढ़ें: Rakesh Mehta Death की पूरी खबर
शिकायत के बाद नहीं, पहले होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि केवल शिकायत मिलने या दुर्घटना होने के बाद प्रतिक्रिया देने वाली व्यवस्था के बजाय नियमित निगरानी और समय पर सुधार की प्रणाली विकसित की जानी चाहिए।
बच्चों और छात्रों से जुड़े संस्थानों में यह व्यवस्था विशेष रूप से जरूरी है। नियमित निरीक्षण से आग, भवन की कमजोरी या अन्य सुरक्षा जोखिमों को समय रहते पहचाना जा सकता है।
अवैध शराब के खिलाफ सख्त अभियान
सुरक्षा ऑडिट के साथ मुख्यमंत्री ने प्रदेश में अवैध और मिलावटी शराब के खिलाफ भी राज्यव्यापी अभियान चलाने के निर्देश दिए। पुलिस, आबकारी विभाग और जिला प्रशासन को मिलकर अवैध शराब के निर्माण, बिक्री, भंडारण और परिवहन पर कार्रवाई करनी होगी।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जहां अवैध शराब के निर्माण या भंडारण की सूचना अथवा संदेह हो, वहां संयुक्त टीमें बनाकर छापेमारी की जाए। अवैध शराब बनाने या उसमें मिलावट करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सीमा और परिवहन मार्गों पर बढ़ेगी निगरानी
मुख्यमंत्री ने दूसरे राज्यों से छत्तीसगढ़ में अवैध शराब की संभावित आमद रोकने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों और प्रमुख परिवहन मार्गों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश भी दिए।
पुलिस और आबकारी विभाग को आपस में सूचनाएं नियमित रूप से साझा करने तथा कार्रवाई में बेहतर समन्वय रखने को कहा गया है।
लापरवाही पर अधिकारियों की जवाबदेही
CM Sai ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि सरकार के निर्देशों को लागू करने में लापरवाही या उदासीनता बरतने वालों की जवाबदेही तय की जाएगी। दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर और SP को निर्देशों पर तत्काल अमल शुरू करने तथा अपने-अपने जिलों में की गई कार्रवाई की नियमित समीक्षा करने को कहा गया है।
इस फैसले से प्रदेश में छात्र सुरक्षा, भवन सुरक्षा और अवैध शराब के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई को एक साथ तेज करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
देश-दुनिया और अपराध जगत की ताजा खबरों के लिए 4thnation WhatsApp Channel से जुड़ें
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, वन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल, संयुक्त सचिव प्रभात मलिक सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
Chhattisgarh Safety Audit के जरिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दुर्घटनाओं के बाद कार्रवाई के बजाय पहले से जोखिम पहचानने और उन्हें दूर करने पर जोर दिया है। स्कूल, हॉस्टल, PG और कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा जांच के साथ पुराने व जर्जर भवनों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। वहीं अवैध और मिलावटी शराब के खिलाफ पुलिस, आबकारी विभाग और जिला प्रशासन का संयुक्त अभियान भी तेज होगा। अब इन निर्देशों की वास्तविक प्रभावशीलता इस बात पर निर्भर करेगी कि जिलों में निरीक्षण, सुधार और कार्रवाई कितनी तेजी और गंभीरता से लागू होती है।
