रायपुर, 3 अप्रैल 2025। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के भालुकोना-जामनीदीह क्षेत्र में निकल, क्रोमियम और प्लेटिनम ग्रुप ऑफ एलिमेंट्स (PGE) के खोज और खनन के लिए भारत सरकार ने कंपोजिट लाइसेंस प्रदान किया है। यह लाइसेंस प्रतिस्पर्धी नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से दिया गया है और यह 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी रहेगा।
30 वर्ग किमी क्षेत्र में होगा अन्वेषण
दो साल की अवधि वाले इस समझौते के तहत 30 वर्ग किमी क्षेत्र में खनिजों की खोज और खनन का कार्य किया जाएगा। यह परियोजना भारत के क्रिटिकल मिनरल्स सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

वैश्विक मानकों से हो रही तुलना
भूवैज्ञानिक सर्वेक्षणों में संकेत मिले हैं कि इस क्षेत्र में निकेल और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों की मौजूदगी की संभावनाएं काफी मजबूत हैं। विशेषज्ञ इसे दुनिया के प्रमुख निकल बेल्ट्स से तुलना कर रहे हैं, जिससे भविष्य में इस क्षेत्र से बड़े पैमाने पर खनिज उत्पादन की उम्मीद की जा रही है।
पर्यावरण और समुदाय पर विशेष ध्यान
परियोजना के तहत ग्रीन प्रोसेसिंग तकनीकों का उपयोग करने पर विचार किया जा रहा है, ताकि खनन गतिविधियों का पर्यावरण पर कम से कम प्रभाव पड़े। साथ ही, इस परियोजना को स्थानीय समुदायों के लाभ और जिम्मेदार खनन नीतियों के अनुरूप संचालित किया जाएगा।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम
यह परियोजना भारत को रणनीतिक खनिजों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप है। इससे देश में निकल और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी और आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
