दुर्ग। गंजपारा निवासी श्री चंद्रभूषण साहू ने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती गीता देवी साहू के निधन के पश्चात उनके नेत्रदान कर एक सकारात्मक संदेश दिया और दो परिवारों को नई रोशनी प्रदान की। साहू परिवार के इस सराहनीय कदम से समाज में नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।
पत्नी के जीवन को सार्थक किया: चंद्रभूषण साहू
श्री चंद्रभूषण साहू ने बताया कि उनकी पत्नी गीता देवी साहू लंबे समय से अस्वस्थ थीं, और उनके निधन के पश्चात नवदृष्टि फाउंडेशन के सदस्यों के प्रस्ताव पर उन्होंने नेत्रदान करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा, “मेरी पत्नी भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके नेत्रदान से दो लोगों को रोशनी मिलेगी, जिससे उनका जीवन सार्थक हो गया।”

पहले भी कर चुके हैं किडनी दान
मुस्कान मित्र फाउंडेशन के अध्यक्ष अरुण मिश्रा ने जानकारी दी कि श्री चंद्रभूषण साहू पहले भी अपने भतीजे को किडनी दान कर चुके हैं और अब अपनी पत्नी का नेत्रदान कर समाज को एक और प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। फाउंडेशन ने उनकी इस भावना को सराहा और उन्हें समाज के लिए प्रेरणा स्रोत बताया।
नेत्रदान प्रक्रिया में नवदृष्टि फाउंडेशन का सहयोग
श्री शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज के डॉ. संदीप, डॉ. उत्कर्ष और नेत्र सहायक विवेक कसार ने कॉर्निया का कलेक्शन किया। इस दौरान नवदृष्टि फाउंडेशन के सदस्य कुलवंत भाटिया, मुकेश राठी, हरमन दुलई, रितेश जैन, जितेंद्र हासवानी, सुरेश जैन, राजेश पारख, मंगल अग्रवाल और जितेंद्र कारिया ने नेत्रदान प्रक्रिया में सहयोग किया।
साहू टायर्स के संचालक चंद्रभूषण साहू समाज में प्रतिष्ठित
नवदृष्टि फाउंडेशन के सदस्य मुकेश राठी ने कहा कि साहू टायर्स के संचालक श्री चंद्रभूषण साहू न केवल एक सफल व्यापारी हैं, बल्कि समाज में भी प्रतिष्ठित हैं। उनके इस कदम से नेत्रदान के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ेगी और संस्था के अभियान को और गति मिलेगी।
श्रद्धांजलि एवं परिवार को साधुवाद
नवदृष्टि फाउंडेशन के विभिन्न सदस्यों सहित समाज के प्रतिष्ठित लोगों ने श्रीमती गीता देवी साहू को श्रद्धांजलि अर्पित की और साहू परिवार के इस मानवीय कार्य के लिए उन्हें साधुवाद दिया।
