रायपुर: छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने आज विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2025 का बजट पेश किया। बजट से पहले विधानसभा में कैबिनेट की अहम बैठक हुई, जिसमें इसे मंजूरी दी गई। यह बजट प्रदेश के विकास, रोजगार, महिलाओं और किसानों पर केंद्रित है।
स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए बड़े ऐलान
- 100 एकड़ में मेडिसिटी बनाने की योजना।
- छह नए फिजियोथैरेपी कॉलेज खोले जाएंगे।
- 12 नए नर्सिंग कॉलेज स्थापित किए जाएंगे, जिससे नर्सिंग कॉलेजों की संख्या 8 से बढ़कर 20 हो जाएगी।
- रायपुर में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT) की स्थापना के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान।
- दिव्यांगों के लिए विशेष स्कूल हेतु 5 करोड़ रुपये आवंटित।
महिलाओं के विकास पर विशेष ध्यान
- महतारी वंदन योजना के लिए 5500 करोड़ रुपये का प्रावधान (पहले 3000 करोड़ रुपये थे)।
- लखपति दीदी योजना के तहत 8 लाख महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का लक्ष्य।
- महतारी सदन निर्माण के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान।
रोजगार और बुनियादी ढांचे पर जोर
- स्कूल और कॉलेजों में शिक्षकों की भर्ती होगी।
- बलरामपुर, दंतेवाड़ा, जांजगीर-चांपा, बीजापुर, कुरूद, नया रायपुर, बैकुंठपुर, कांकेर, कोरबा और महासमुंद में नए कॉलेज बनाए जाएंगे (इसके लिए 34 करोड़ रुपये आवंटित)।
- नगरीय विकास के लिए 750 करोड़ रुपये का प्रावधान।
- ग्राम गौरव पथ योजना के लिए 100 करोड़ रुपये।
- नगरीय निकायों में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास हेतु 750 करोड़ रुपये।
पर्यटन और खेल को बढ़ावा
- होम स्टे पॉलिसी के लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान।
- जशपुर में फुटबॉल स्टेडियम और बैडमिंटन इंडोर हॉल के निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपये।
पेयजल और आवास योजनाएं
- अमृत मिशन पेयजल योजना के लिए 744 करोड़ रुपये।
- प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का विस्तार, 875 करोड़ रुपये का प्रावधान।
युवाओं के लिए विशेष योजनाएं
- कमांड सेंटर अपग्रेडेशन के लिए 40 करोड़ रुपये।
- नया रायपुर में युवा सेवा के लिए 10 करोड़ रुपये।
- साइंस सिटी की स्थापना के लिए 37 करोड़ रुपये।
- नई लाइब्रेरी निर्माण के लिए 30 करोड़ रुपये।
इस बजट में राज्य के कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और बुनियादी ढांचे के विकास पर खास ध्यान दिया गया है। मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेश के विकास के लिए मील का पत्थर बताया है।

