छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में नक्सलियों द्वारा लगाए गए IED विस्फोट में मादा भालू और दो शावकों की मौत

दंतेवाड़ा: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में नक्सलियों द्वारा लगाए गए इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) विस्फोट में एक मादा भालू और उसके दो शावकों की मौत हो गई। यह घटना बारसूर थाना क्षेत्र के कोहकाबेड़ा में कुछ दिन पहले हुई थी, लेकिन इसका खुलासा हाल ही में तब हुआ जब ग्रामीणों ने मृत भालुओं के शव देखे और पुलिस को इसकी सूचना दी।

संवेदनशील क्षेत्र में घटना
वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया, “यह इलाका अत्यंत संवेदनशील है और अबूझमाड़ में स्थित है, जिसे नक्सलियों का गढ़ माना जाता है। वन कर्मी पूरी सावधानी बरतते हुए मौके तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। यहां तक कि स्थानीय लोग भी इस इलाके में जाने से कतराते हैं, क्योंकि नक्सली सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए IDE लगाते हैं।”

16 दिसंबर को ग्रामीण की मौत
इससे पहले 16 दिसंबर को इसी क्षेत्र में लकड़ी लेने जंगल गए 35 वर्षीय ग्रामीण मनारू अकाली की भी प्रेशर IDE विस्फोट में मौत हो गई थी।

नक्सलियों की रणनीति
बस्तर संभाग के सात जिलों, जिनमें दंतेवाड़ा भी शामिल है, में प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नक्सली अक्सर जंगलों और सड़कों पर IED लगाते हैं ताकि गश्ती दलों को निशाना बनाया जा सके।