प्रधानमंत्री मोदी ने छह नई वंदे भारत ट्रेनों को दिखाई हरी झंडी, देशभर में कनेक्टिविटी होगी और मजबूत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को झारखंड के टाटानगर जंक्शन रेलवे स्टेशन से छह नई वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। वंदे भारत ट्रेनें भारत की पहली स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित सेमी-हाई-स्पीड ट्रेनें हैं। यह ट्रेनें देश में कनेक्टिविटी को तेज, सुरक्षित और आरामदायक बनाने के लिए जानी जाती हैं।

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा जारी एक बयान में कहा गया, “वंदे भारत पोर्टफोलियो लगातार बढ़ रहा है, जिसमें नई ट्रेन सेवाओं को जोड़ा जा रहा है ताकि देशभर में बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित हो सके।”

यह ट्रेनें ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत स्वदेशी रूप से डिजाइन की गई हैं और आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं, जो यात्रियों को विलासिता और कुशलता का अनुभव देती हैं। पहली वंदे भारत ट्रेन 15 फरवरी 2019 को शुरू की गई थी, और तब से यह रेलवे की एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

छह नई वंदे भारत ट्रेनों के रूट निम्नलिखित हैं: टाटानगर-पटना, ब्रह्मपुर-टाटानगर, राउरकेला-हावड़ा, देवघर-वाराणसी, भागलपुर-हावड़ा और गया-हावड़ा।

रेलवे के अनुसार, अब तक देशभर में 54 वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं। इन ट्रेनों ने अब तक लगभग 36,000 यात्राएं पूरी की हैं और 3.17 करोड़ से अधिक यात्रियों को सेवा दी है। वंदे भारत ट्रेन का नया संस्करण, वंदे भारत 2.0, और भी उन्नत सुविधाओं से लैस है, जिसमें तेज़ एक्सेलरेशन, कवच तकनीक, एंटी-वायरस सिस्टम और वाई-फाई जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

रेल मंत्रालय ने कहा, “वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन सेवाओं के साथ भारतीय रेलवे यात्रा के क्षेत्र में क्रांति ला रहा है। ये ट्रेनें न केवल ‘मेक इन इंडिया’ की सफलता को दर्शाती हैं, बल्कि गति, सुरक्षा और सेवा के नए वैश्विक मानक भी स्थापित कर रही हैं।”

वंदे भारत ट्रेनें यात्रियों को तेज़, सुरक्षित और आरामदायक सफर का अनुभव देती हैं, और यह भारतीय रेलवे के भविष्य का प्रतीक बन चुकी हैं।