दुर्ग में किसानों ने की महापंचायत, केंद्र और राज्य सरकार पर लगाया वादा खिलाफी का आरोप

दुर्ग (छत्तीसगढ़)। स्वामीनाथन आयोग की अनुसंशा के अनुसार लागत मूल्य सी-2 + 50 प्रतिशत न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करने की मांग को एक बार फिर से किसानों ने दोहराया है। इस मुद्दे को लेकर प्रगतिशील किसान संगठन द्वारा मानस भवन में महापंचायत का आयोजन किया गया। जिसमें भाजपा और कांग्रेस दोनों की सरकारों पर वादा खिलाफी करने का आरोप लगाया है। महापंचायत में केंद्र के तीन कानून किसानों के अस्तित्व और खेती की भूमि पर हमला बताया।

किसानों की महापंचायत में वक्ताओं ने कहा कि सरकारें अपना काम कर रही है। किसानों के लिये संगठित संघर्ष करने के अलावा कोई रास्ता नहीं है। छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन द्वारा यह 8 वां प्रदेश स्तरीय किसान महापंचायत का आयोजन किया गया था। जिसमें छत्तीसगढ़ किसान आंदोलन के संयेजक सुदेश टीकम, छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ के संयोजक पूर्व विधायक जनकलाल ठाकुर, छत्तीसगढ़ श्रमिक मंच के अध्यक्ष सहदेव साहू अतिथि के रूप में शामिल थे महापंचायत में किसान संगठन के बालोद जिला अध्यक्ष जीवनंदन पिपरिया, बेमेतरा जिला अध्यक्ष रामसहाय वर्मा, दुर्ग जिला अध्यक्ष उत्तम चंद्राकर बस्तर संभाग अध्यक्ष विजय सोरी भी शामिल हुए।
किसान महापंचायत में केंद्र की भाजपा सरकार और राज्य की कांग्रेस सरकारों पर निशाना साधते हुए किसान वक्ताओं ने कहा कि भाजपा ने लेकसभा चुनाव और कांग्रेस ने विधान सभा चुनाव के घोषणा पत्रों में स्वामीनाथन आयोग की अनुसंशा के अनुसार लागत मूल्य सी-2+50% के आधार पर कृषि उपजों का न्यूनतम समर्थन मूल्य लागू करने का वायदा किया था लेकिंन दोनों ही सरकारों ने वायदे पूरे नहीं करके किसानों के साथ छल किया है। किसान वक्ताओं ने केंद्र के तीन कृृषि कानूनों को किसानों के अस्तित्व पर और कृषि भूमि पर हमला बताया और कहा कि देश के किसान एक साल से तीनों कानून रद्द करके कृषि उपजों के लिये न्यूनतम गारंटी मूल्य लागू करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं लेकिन किसानों की सुनने के बजाय मोदी सरकार किसान आंदोलन को बदनाम करने के लिये अनर्गल लांछन लगाती रही है। यूपी में गाड़ी से कुचलकर किसानों की हत्या करने वाले अजय मिश्रा को गिरफ्तार करना तो दूर मंत्रीमंडल से बाहर भी नहीं किया गया है।
महापंचायत में राज्य की भूपेश बघेल सरकार को याद दिलाते हुए कहा कि घोषणा पत्र में कृषि और किसानों से संबंधित 20 वायदे किये गये हैं जिसमें से 18 वायदे आज तक पूरे नहीं किये गये हैं जिसमें किसान पेंशन, चना गेहूं आदि की समर्थन मूल्य पर खरीदी करने, मनरेगा में राज्य के कोटे के 50 दिनों के कार्य को कृषि से जोड़ने, 2 साल का बकाया बोनस देने, प्रत्येक ब्लाक में कृषि हब बनाने जैसे बड़े वायदे भी शामिल हैं।
किसान वक्ताओं ने आगे कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना में सभी किसानों को प्रति एकड़ 9 हजार रूपये की आदान राशि दी जा रही है। यह धान उत्पादक किसानों के साथ छल है सरकार को वायदे के अनुसार 2500 रुपए प्रति क्विंटल के भाव से धान खरीदी की राशि का एकमुश्त भुगतान करके न्याय योजना की 9 हजार रूपये की राशि का भुगतान, सभी किसानों की तरह अतिरिक्त रूप से करना चाहिये। उद्धाटन भाषण संगठन के अध्यक्ष आई के वर्मा, समापन भाषण संयोजक राजकुमार गुप्त ने और संचालन महासचिव झबेंद्र भूषण वैष्णव ने किया।
किसान महापंचायत में बड़ी संख्या में महिला किसान प्रतिनिधि भी भारी संख्या में शामिल हुए।