Jashpur News: आगामी ग्रीष्मकाल को देखते हुए जशपुर जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान शुरू कर दिया है। खासकर गर्मियों में अधिक खपत होने वाले पानी पाउच, मिनरल वाटर, आइस कैण्डी, आइस और आइसक्रीम जैसे उत्पादों की जांच पर विभाग ने विशेष ध्यान दिया है।
जिला खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बताया कि जिले में संचालित सभी खाद्य प्रतिष्ठानों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के नियमों का पालन करना अनिवार्य है। इसके लिए लगातार निरीक्षण और कार्रवाई की जा रही है।
गर्मी के मौसम में बच्चों और आम लोगों द्वारा ज्यादा उपयोग किए जाने वाले पेय पदार्थों की गुणवत्ता की जांच को लेकर विभाग लंबे समय बाद सक्रिय नजर आ रहा है।
पत्थलगांव की मां आइस फैक्ट्री में अचानक छापा
जिले के पत्थलगांव विकासखण्ड में स्थित मां आईस फैक्ट्री में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में आइस कैण्डी का निर्माण और भंडारण पाया गया।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि यहां तैयार की जा रही आइस कैण्डी मुख्य रूप से छोटे बच्चों द्वारा खाई जाती है, इसलिए इसकी गुणवत्ता और स्वच्छता बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
टीम ने फैक्ट्री में उत्पादन प्रक्रिया, साफ-सफाई, कच्चे माल और पैकेजिंग की स्थिति का विस्तृत निरीक्षण किया।
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Jashpur News: बच्चों में लोकप्रिय आइस कैण्डी की गुणवत्ता पर सवाल
निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को कई गंभीर अनियमितताएं मिलीं। जांच में पाया गया कि आइस कैण्डी का निर्माण खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 और विनियम 2011 के तय मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा था।
गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर टीम ने मौके से दो नमूने जब्त किए।
इनमें शामिल हैं:
- भीम ब्रांड मैंगो फ्लेवर आइस कैण्डी (ग्रीन)
- भीम ब्रांड मैंगो फ्लेवर आइस कैण्डी (ऑरेंज)
इन दोनों नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला रायपुर भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद संबंधित फर्म पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
2000 किलोग्राम आइस कैण्डी जब्त, निर्माण पर रोक
निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में तैयार आइस कैण्डी भी मिली।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने 147 बोरे आइस कैण्डी, जिसका कुल वजन लगभग 2000 किलोग्राम और कीमत करीब 15 हजार रुपए बताई जा रही है, जब्त कर ली।
जांच में यह भी पाया गया कि उत्पादों पर फूड लेबलिंग एवं डिस्प्ले नियम 2020 का पालन नहीं किया जा रहा था।
इस कारण विभाग ने निर्माता हैप्पी गर्ग की अभिरक्षा में जब्त सामग्री को सुरक्षित रखवा दिया है और अगले आदेश तक आइस कैण्डी के निर्माण पर तत्काल रोक लगाने का सख्त निर्देश दिया गया है।

नवरात्रि से पहले 4 खाद्य नमूने रायपुर लैब भेजे
Jashpur News के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग ने त्योहारी सीजन को देखते हुए भी जांच अभियान तेज कर दिया है।
21 मार्च को टीम ने रिलायंस स्मार्ट प्वाइंट, चंद्रराज कॉम्प्लेक्स, मेन रोड जशपुर में भी औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान संदेह के आधार पर चार खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए:
- खजूर
- सेवई
- मिक्स फ्रूट जूस
- टोमेटो सॉस
इन सभी नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला रायपुर भेजा गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित फर्म पर नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग का सख्त संदेश
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले के नागरिकों को सुरक्षित और मानक खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
इस उद्देश्य से जिले के सभी खाद्य प्रतिष्ठानों पर नियमित निरीक्षण और सैंपलिंग की कार्रवाई जारी रहेगी।
इस कार्रवाई के दौरान निम्न अधिकारी उपस्थित रहे:
- सागर दत्ता – अभिहित अधिकारी
- राखी ठाकुर – वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी
- अंजलि नायक – नमूना सहायक
अधिकारियों ने बताया कि यदि जांच में किसी भी उत्पाद की गुणवत्ता खराब पाई जाती है तो संबंधित निर्माता और विक्रेता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Jashpur News के तहत सामने आई इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि गर्मियों और त्योहारी सीजन को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। पत्थलगांव की मां आइस फैक्ट्री में 2000 किलो आइस कैण्डी जब्त होना और कई खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए भेजना यह दर्शाता है कि प्रशासन अब खाद्य गुणवत्ता को लेकर कोई समझौता नहीं करेगा।
आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित फर्मों पर कड़ी कार्रवाई होने की संभावना है। इससे जिले में खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी और लोगों को सुरक्षित खाद्य पदार्थ मिल सकेंगे।
