Chhattisgarh News के तहत बलौदाबाजार-भाटापारा जिले से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ग्राम ओड़ान में आयोजित गोंड समाज के पवित्र पूजा स्थल पर हुए बड़ादेव स्थापना कार्यक्रम में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने विधि-विधान से बड़ादेव की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। इस दौरान उन्होंने समाज की परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
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बलौदाबाजार में पारंपरिक आयोजन का महत्व
ग्राम ओड़ान में आयोजित बड़ादेव स्थापना कार्यक्रम गोंड समाज की आस्था और संस्कृति से जुड़ा एक महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन माना जाता है।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाज के लोग, जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पारंपरिक विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करते हैं बल्कि समाज में एकता और सांस्कृतिक पहचान को भी सुदृढ़ करते हैं।
Chhattisgarh News: CM साय पहुंचे बड़ादेव स्थापना कार्यक्रम में
Chhattisgarh News के अनुसार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में शामिल होकर बड़ादेव की पूजा की और प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना की।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध आदिवासी संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक विरासत से है।
सरकार इन परंपराओं को संरक्षित करने और आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक ऊर्जा और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देते हैं।

शहीद वीर नारायण सिंह को श्रद्धांजलि
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
उन्होंने कहा कि वीर नारायण सिंह ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष का नेतृत्व किया था।
10 दिसंबर 1857 को रायपुर के जयस्तंभ चौक पर उनका बलिदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की पीढ़ी को ऐसे महान सेनानियों के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्रसेवा के मार्ग पर आगे बढ़ना चाहिए।
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रानी दुर्गावती के साहस का स्मरण
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमा का भी अनावरण किया।
उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती ने अपने साहस और स्वाभिमान से गोंडवाना की गौरवशाली परंपरा को जीवित रखा।
मुगल सेना के सामने आत्मसमर्पण करने के बजाय उन्होंने रणभूमि में वीरगति प्राप्त कर मातृभूमि के प्रति अपने समर्पण का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रानी दुर्गावती का जीवन आज भी महिलाओं और युवाओं के लिए साहस और आत्मसम्मान की प्रेरणा है।
Chhattisgarh News: संस्कृति और आदिवासी आस्था पर मुख्यमंत्री का बयान
Chhattisgarh News में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की असली ताकत उसकी आदिवासी संस्कृति और परंपराएं हैं।
राज्य सरकार इन परंपराओं को संरक्षित करने और समाज को सांस्कृतिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि गोंड समाज की आस्था, परंपरा और धार्मिक स्थल प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर हैं और इन्हें संरक्षित करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में शामिल हुए जनप्रतिनिधि
इस कार्यक्रम में कई प्रमुख जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
इनमें जांजगीर-चांपा सांसद कमलेश जांगड़े, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, विधायक संदीप साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, उपाध्यक्ष पवन साहू और पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े शामिल थे।
कार्यक्रम में समाज के प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भी भाग लिया।
बलौदाबाजार जिले में आयोजित यह कार्यक्रम Chhattisgarh News के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण रहा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बड़ादेव स्थापना कार्यक्रम में शामिल होकर गोंड समाज की आस्था और संस्कृति को सम्मान दिया।
साथ ही शहीद वीर नारायण सिंह और रानी दुर्गावती की प्रतिमाओं का अनावरण कर उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम और ऐतिहासिक वीरता की परंपरा को याद किया।
यह आयोजन छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का प्रतीक बनकर सामने आया।

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