जगदलपुर में बस्तर हेरिटेज मैराथन में उमड़े 9800 धावक – 200 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने बनाई मुख्यधारा की राह, इथियोपिया ने जीता खिताब

Bastar News — जगदलपुर में रविवार को आयोजित ‘बस्तर हेरिटेज मैराथन’ ने एक साथ कई इतिहास रच दिए। यह आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं था, बल्कि यह बस्तर की बदलती तस्वीर को पूरी दुनिया के सामने पेश करने का एक शक्तिशाली मंच बन गया।

9,800 से अधिक धावकों ने इस मैराथन में हिस्सा लिया, जिनमें देश-विदेश के प्रतिभागी शामिल थे। सबसे चौंकाने वाली और भावुक करने वाली बात यह रही कि इस बार 200 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने भी दौड़ में भाग लेकर यह संदेश दिया कि वे हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने के लिए तैयार हैं।

यह Bastar News केवल स्पोर्ट्स की नहीं, बल्कि शांति, संस्कृति और पर्यटन की भी एक ऐतिहासिक खबर है।

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लालबाग मैदान से चित्रकोट तक – 42 KM का अद्भुत सफर

ऐतिहासिक शुरुआत, विश्वप्रसिद्ध अंत

Bastar News में इस मैराथन का मार्ग अपने आप में एक विशेष कहानी कहता है। 42 किलोमीटर की फुल मैराथन की शुरुआत जगदलपुर के ऐतिहासिक लालबाग मैदान से हुई।

यह वही लालबाग मैदान है जो बस्तर की सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों का केंद्र रहा है। मैराथन का समापन उतनी ही भव्यता से हुआ — विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात के पास, जिसे भारत का ‘नियाग्रा फॉल्स’ कहा जाता है।

यह रूट बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता, जंगल, नदियां और आदिवासी संस्कृति से होकर गुजरा, जो धावकों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव रहा। लालबाग से चित्रकोट तक का यह सफर बस्तर की विरासत और वर्तमान दोनों को एक साथ जोड़ता है।


Bastar News: 200 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने लिया हिस्सा – मुख्यधारा का संदेश

हथियार छोड़े, जूते पहने – दौड़ पड़े जिंदगी की राह पर

Bastar News का यह पहलू सबसे अधिक चर्चा में है और होना भी चाहिए। इस मैराथन में 200 आत्मसमर्पित नक्सलियों की भागीदारी ने पूरे देश को एक उम्मीद का संदेश दिया।

जो लोग कभी जंगलों में हथियार थामे सरकार के खिलाफ थे, वे आज उसी सरकार के आयोजन में शांति और खेल की भावना के साथ दौड़ रहे थे। यह दृश्य बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई की एक बड़ी नैतिक जीत है।

इन आत्मसमर्पित नक्सलियों की भागीदारी यह भी सिद्ध करती है कि सरकार की पुनर्वास नीति और मुख्यधारा में लाने के प्रयास धीरे-धीरे रंग ला रहे हैं। Bastar News में यह संदेश शायद किसी भी मेडल से बड़ा है।

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अंतरराष्ट्रीय धावकों का दबदबा – इथियोपिया ने मारी बाजी

विश्वस्तरीय प्रतिस्पर्धा में इथियोपियाई धावकों की धमक

Bastar News में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इथियोपिया के धावकों ने अपना दबदबा कायम रखा। लंबी दूरी की दौड़ में इथियोपिया की प्रतिष्ठा वैश्विक स्तर पर अतुलनीय है।

पुरुष वर्ग में Tebeje Kineto Washe ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया। महिला वर्ग में Meseret ने भी इथियोपिया का परचम लहराते हुए प्रथम स्थान जीता।

इन अंतरराष्ट्रीय धावकों की भागीदारी ने बस्तर हेरिटेज मैराथन को सही मायनों में एक ग्लोबल इवेंट का दर्जा दिला दिया। जगदलपुर में इथियोपिया के धावकों का आना इस बात का प्रमाण है कि बस्तर अब वैश्विक खेल मानचित्र पर अपनी जगह बना रहा है।

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Bastar News: बस्तर संभाग कैटेगरी – स्थानीय विजेताओं ने जीता दिल

अपनी मिट्टी में खिले स्थानीय चैंपियन

Bastar News की इस रिपोर्ट में स्थानीय विजेताओं का जिक्र किए बिना यह खबर अधूरी है। बस्तर संभाग कैटेगरी में स्थानीय प्रतिभाओं ने शानदार प्रदर्शन किया।

पुरुष वर्ग में संजय कोर्राम ने पहला स्थान हासिल किया। महिला वर्ग में कुसुम शार्दूल ने विजय ताज पहना।

ये दोनों विजेता बस्तर की आदिवासी प्रतिभा और खेल क्षमता के प्रतीक हैं। उनकी जीत यह दर्शाती है कि अगर सही मंच और अवसर मिलें, तो बस्तर के युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कमाल कर सकते हैं।


4 श्रेणियों में 9800 धावक – कौन सी दूरी में कितने रहे?

मैराथन की चार श्रेणियों में भारी भागीदारी

इस Bastar News में खेल की दृष्टि से एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि मैराथन में चार अलग-अलग श्रेणियां रखी गई थीं, जिससे हर उम्र और क्षमता के धावक भाग ले सकें —

42 किलोमीटर — फुल मैराथन: अनुभवी और पेशेवर धावकों के लिए सबसे कठिन और प्रतिष्ठित श्रेणी। लालबाग से चित्रकोट तक का यह मार्ग अपने आप में एक चुनौती था।

21 किलोमीटर — हाफ मैराथन: मध्यम स्तर के धावकों के लिए यह श्रेणी लोकप्रिय रही।

10 किलोमीटर — रन: आम नागरिकों और युवाओं में यह श्रेणी सबसे ज्यादा पसंद की गई।

5 किलोमीटर — फन रन: परिवारों और बच्चों के लिए यह श्रेणी उत्साह और मस्ती से भरी रही।

कुल 9,800 से अधिक प्रतिभागियों की संख्या यह साबित करती है कि बस्तर हेरिटेज मैराथन अब एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है।


समापन समारोह – इन नेताओं ने दिया विजेताओं को सम्मान

समापन में रही राजनीतिक और प्रशासनिक गरिमा

Bastar News के इस आयोजन के समापन समारोह में प्रदेश के वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने विजेताओं को सम्मानित किया।

समापन कार्यक्रम में केदार कश्यप, महेश कश्यप, किरण देव और विनायक गोयल ने विजेताओं को पुरस्कार एवं सम्मान से नवाजा। इन नेताओं की उपस्थिति ने आयोजन को राजकीय गरिमा प्रदान की।

उनकी उपस्थिति ने यह भी संकेत दिया कि बस्तर के विकास और पर्यटन को लेकर सरकार कितनी गंभीर है। समापन समारोह में विजेताओं के साथ-साथ 200 आत्मसमर्पित नक्सलियों की भागीदारी को भी विशेष रूप से सराहा गया।


बस्तर पर्यटन को मिलेगी वैश्विक पहचान – मैराथन का बड़ा लक्ष्य

चित्रकोट, लालबाग और बस्तर की संस्कृति – दुनिया देखेगी

Bastar News का यह महत्वपूर्ण पक्ष है कि बस्तर हेरिटेज मैराथन का मुख्य उद्देश्य केवल खेल तक सीमित नहीं था। इस आयोजन का बड़ा लक्ष्य था — बस्तर की समृद्ध संस्कृति, प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन स्थलों को वैश्विक पहचान दिलाना।

चित्रकोट जलप्रपात, कुटुम्बसर गुफाएं, तीरथगढ़ जलप्रपात और बस्तर की आदिवासी कला, नृत्य और शिल्प — ये सब दुनिया के सामने आने के लायक हैं। लेकिन नक्सल प्रभाव के कारण वर्षों तक यह क्षेत्र पर्यटन के नक्शे पर उभर नहीं सका।

अब बस्तर हेरिटेज मैराथन जैसे आयोजन यह तस्वीर बदल रहे हैं। इथियोपिया जैसे देशों के धावकों का आना यह सिद्ध करता है कि बस्तर अब दुनिया की नजर में है।


Bastar News में बस्तर हेरिटेज मैराथन एक ऐसा आयोजन है जिसने एक साथ कई मोर्चों पर इतिहास रचा। 9,800 से अधिक धावक, 200 आत्मसमर्पित नक्सली, इथियोपियाई विजेता और स्थानीय चैंपियन — ये सब मिलकर बस्तर की नई, सकारात्मक और शांतिपूर्ण पहचान गढ़ रहे हैं। Bastar News यह बताती है कि जो क्षेत्र कभी नक्सल हिंसा के लिए जाना जाता था, वह आज खेल, संस्कृति और पर्यटन के लिए वैश्विक मंच पर खड़ा है। बस्तर हेरिटेज मैराथन इस बदलाव की सबसे सशक्त और प्रेरणादायक अभिव्यक्ति है — और यह Bastar News आने वाले समय में बस्तर के उज्जवल भविष्य की नींव बनेगी।

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