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Tara Coal Block पर फिर गरमाया Hasdeo विवाद

Tara Coal Block को लेकर छत्तीसगढ़ के Hasdeo Aranya क्षेत्र में एक बार फिर राजनीतिक और पर्यावरणीय विवाद तेज हो गया है। पर्यावरण संगठनों और कांग्रेस की ओर से नीलामी पर सवाल उठाए जाने के बाद केंद्रीय कोयला मंत्रालय ने सफाई दी है कि ब्लॉक को दोबारा नीलामी में लाने का फैसला छत्तीसगढ़ सरकार के 11 दिसंबर 2025 के अनुरोध के बाद लिया गया था।

मंत्रालय के अनुसार, पहले Tara ब्लॉक को 2023 में नीलामी के लिए रखा गया था, लेकिन राज्य सरकार की ओर से Hasdeo क्षेत्र के कई कोयला ब्लॉकों को व्यावसायिक नीलामी से बाहर रखने का अनुरोध किए जाने के बाद इसे वापस ले लिया गया था।

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Tara Coal Block पर केंद्र की बड़ी सफाई

कोयला मंत्रालय का कहना है कि दिसंबर 2025 में छत्तीसगढ़ सरकार ने केंद्र को बताया कि Tara ब्लॉक Lemru Elephant Corridor के बाहर है और इसे आगामी नीलामी में शामिल किया जा सकता है।

इसके बाद Central Mine Planning and Design Institute (CMPDI) ने ब्लॉक की सीमा में संशोधन किया। मंत्रालय के मुताबिक प्रभावित क्षेत्र को सीमा से हटाने के बाद Tara (Revised) ब्लॉक को नीलामी के 15वें दौर में पेश किया गया।

मंत्रालय ने हाल में सामने आई कुछ रिपोर्टों को “अपूर्ण जानकारी” पर आधारित बताया है। उसका कहना है कि रिपोर्टों में राज्य सरकार के बाद के अनुरोध को ध्यान में नहीं रखा गया।

Tara Coal Block को मिले 9 Bid

आधिकारिक PIB आंकड़ों के अनुसार Tara (Revised) को नीलामी में 9 बोलियां मिलीं। इसमें CG Syn-Gas and Chemicals Limited सफल बोलीदाता रही और राजस्व हिस्सेदारी 37.50% रही। ब्लॉक की PRC क्षमता 6.00 MTPA दर्ज की गई है।

यह आंकड़ा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह मामला केवल राजनीतिक विवाद तक सीमित नहीं है। व्यावसायिक कोयला खनन से राज्य के राजस्व, निवेश और रोजगार पर भी संभावित असर पड़ेगा।

हालांकि, खनन शुरू होने से पहले संबंधित वैधानिक, वन और पर्यावरणीय मंजूरियों की प्रक्रिया पूरी करना जरूरी होगा। सफल बोली लगना अपने आप में तत्काल खनन की अनुमति नहीं है।

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Hasdeo Aranya को लेकर विरोध क्यों?

Hasdeo Aranya छत्तीसगढ़ के सबसे महत्वपूर्ण वन क्षेत्रों में शामिल है। क्षेत्र में कोयला खनन को लेकर लंबे समय से पर्यावरण संरक्षण, वन अधिकार और आदिवासी समुदायों से जुड़े सवाल उठते रहे हैं।

विरोध करने वाले समूहों का कहना है कि नए कोयला खनन से जंगल और स्थानीय पारिस्थितिकी पर असर पड़ सकता है। साथ ही आदिवासी अधिकारों और ग्राम सभाओं की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

विपक्षी समूहों ने 2022 में छत्तीसगढ़ विधानसभा द्वारा Hasdeo क्षेत्र में आगे कोयला खनन के खिलाफ पारित प्रस्ताव का भी हवाला दिया है।

BJP और Congress में आरोप-प्रत्यारोप

Tara Coal Block को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ BJP ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस महासचिव Jairam Ramesh पर “दोहरा मापदंड” अपनाने का आरोप लगाया है।

छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के अध्यक्ष Saurabh Singh ने दावा किया कि भूपेश बघेल ने जून 2021 में केंद्र से इस ब्लॉक को CMDC को आवंटित करने का अनुरोध किया था।

उन्होंने यह भी कहा कि Tara को जून 2011 में Stage-I वन मंजूरी मिली थी, उस समय Jairam Ramesh केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री थे। BJP का सवाल है कि सत्ता में रहते हुए जिन नेताओं ने परियोजना को आगे बढ़ाने की कोशिश की, वे अब इसका विरोध क्यों कर रहे हैं।

पेड़ों की कटाई पर भी सियासी घमासान

कांग्रेस और पर्यावरण समूहों की ओर से बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई की आशंका जताई गई है। BJP ने इन दावों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि लाखों पेड़ों की कटाई का दावा वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाता।

Saurabh Singh ने कहा कि यदि पेड़ों की कटाई हुई भी तो वह चरणबद्ध तरीके से होगी। उन्होंने India State of Forest Report 2023 का हवाला देते हुए छत्तीसगढ़ में वन एवं वृक्ष आवरण में 683.62 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि का दावा भी किया।

हालांकि, किसी विशेष परियोजना के पर्यावरणीय प्रभाव का आकलन उसके लिए होने वाली विस्तृत पर्यावरण और वन मंजूरी प्रक्रिया में किया जाएगा।

आगे क्या होगा?

Tara Coal Block को लेकर अब सबसे अहम सवाल यह है कि नीलामी के बाद परियोजना को आवश्यक वैधानिक मंजूरियां कब और किस शर्त पर मिलती हैं। केंद्र और राज्य सरकार की ओर से दी गई दलीलों के बीच पर्यावरण संगठनों तथा विपक्ष की आपत्तियां भी महत्वपूर्ण रहेंगी।

कोयला मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़ों में Tara (Revised) की सफल बोली 37.50% revenue share के साथ दर्ज है। वहीं मंत्रालय का नीलामी पोर्टल बताता है कि व्यावसायिक कोयला नीलामी प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के जरिए होती है और खनन गतिविधियों के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करना होता है।

इसलिए आने वाले समय में परियोजना का वास्तविक असर केवल आर्थिक लाभ से नहीं, बल्कि पर्यावरणीय मंजूरियों, स्थानीय समुदायों के अधिकारों और Hasdeo Aranya के पारिस्थितिक संरक्षण के संदर्भ में भी देखा जाएगा।

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Tara Coal Block की दोबारा नीलामी ने छत्तीसगढ़ में विकास बनाम पर्यावरण की बहस को फिर सामने ला दिया है। केंद्र का कहना है कि राज्य सरकार के दिसंबर 2025 के अनुरोध के बाद ब्लॉक की सीमा संशोधित कर इसे नीलामी में शामिल किया गया, जबकि विपक्ष और पर्यावरण समूह जंगल, आदिवासी अधिकारों और पुराने विधानसभा प्रस्ताव का हवाला देकर सवाल उठा रहे हैं। अब परियोजना का भविष्य आगे मिलने वाली वैधानिक, वन और पर्यावरणीय मंजूरियों पर काफी हद तक निर्भर करेगा।

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