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Superstition Deaths: तंत्र-मंत्र के नाम पर 83 मौतें, अंधविश्वास की कीमत जान देकर चुका रहे लोग

Superstition Deaths देशभर में चिंता का विषय बनती जा रही हैं। छत्तीसगढ़ में तंत्र-मंत्र, गड़ा धन, टोना-टोटका और कथित चमत्कारों के नाम पर लोगों को ठगा ही नहीं जा रहा, बल्कि उनकी जान भी जा रही है। रातों-रात अमीर बनने, गड़ा हुआ खजाना पाने या अलौकिक शक्तियां हासिल करने के लालच में लोग ऐसे कथित तांत्रिकों के जाल में फंस रहे हैं, जहां कई मामलों में हत्या, आत्महत्या और गंभीर अपराध सामने आए हैं।

पिछले कुछ महीनों में सामने आए तीन बड़े मामलों ने यह साबित किया है कि अंधविश्वास केवल सामाजिक बुराई नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था और जनसुरक्षा के लिए भी गंभीर चुनौती बन चुका है।

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Superstition Deaths: छत्तीसगढ़ में क्यों बढ़ रही हैं ऐसी घटनाएं?

विशेषज्ञों के अनुसार, गड़ा धन मिलने, तंत्र-मंत्र से धन दोगुना होने, किस्मत बदलने या अदृश्य शक्तियों से लाभ मिलने जैसे दावों के कारण कई लोग कथित तांत्रिकों के झांसे में आ जाते हैं।

इसी अंधविश्वास का फायदा उठाकर कुछ लोग आर्थिक ठगी, हिंसा और हत्या जैसे अपराधों को अंजाम देते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी भी ऐसी घटनाओं की एक बड़ी वजह मानी जाती है।


केस-1: गड़े धन की चाहत में 8 लोगों की हत्या का आरोप

Superstition Deaths का सबसे चर्चित मामला बलौदाबाजार जिले के खरवे गांव से सामने आया।

6 फरवरी से 14 मई 2026 के बीच गांव में आठ ग्रामीणों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई। लगातार मौतों से ग्रामीणों में दहशत फैल गई।

पुलिस जांच में आरोप लगा कि कथित तांत्रिक रामसहाय जायसवाल गड़ा धन पाने और व्यक्तिगत रंजिश निकालने के लिए लोगों को निशाना बना रहा था। पुलिस ने उसे हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया। मामला न्यायालय में विचाराधीन है।

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केस-2: तांत्रिक साधना के दौरान व्यक्ति की मौत

अप्रैल 2026 में बिलासपुर जिले के जोंधरा गांव में 45 वर्षीय चंदन नट की मौत ने अंधविश्वास का एक और दर्दनाक पहलू उजागर किया।

पुलिस जांच के अनुसार, वह पूजा कक्ष में गया और बाद में खून से लथपथ मिला। जांच में सामने आया कि कथित तांत्रिक साधना के दौरान उसने स्वयं अपने गले पर धारदार हथियार से वार किया था।


केस-3: ₹5 लाख को ₹2.5 करोड़ बनाने का लालच, तीन की मौत

जनवरी 2026 में कोरबा जिले के बरबसपुर स्थित एक स्क्रैप यार्ड से तीन लोगों के शव बरामद हुए।

पुलिस जांच में आरोप सामने आया कि एक कथित तांत्रिक ने ₹5 लाख को तंत्र-मंत्र से ₹2.5 करोड़ बनाने का दावा किया था।

इसी लालच में कारोबारी और अन्य लोग वहां पहुंचे थे। मामले में कथित तांत्रिक सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच में धन के बंटवारे की कथित योजना का भी खुलासा हुआ।


Superstition Deaths: NCRB के आंकड़े क्या बताते हैं?

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के उपलब्ध 2024 के आंकड़ों के अनुसार, देशभर में जादू-टोने और अंधविश्वास से जुड़ी 54 हत्याएं दर्ज की गईं।

इनमें छत्तीसगढ़ में 10 मामले दर्ज हुए, जिसके आधार पर राज्य देश में दूसरे स्थान पर रहा।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 2021 से 2025 के बीच छत्तीसगढ़ में अंधविश्वास और जादू-टोने से जुड़े मामलों में 83 लोगों की मौत दर्ज की गई। वहीं 2024 में 10 और 2025 में 12 मामले दर्ज हुए।


विशेषज्ञ क्या कहते हैं?

सामाजिक विशेषज्ञों का मानना है कि अधिकांश मामलों में लालच, अशिक्षा, भय और कथित तांत्रिकों का प्रभाव लोगों को अंधविश्वास की ओर धकेलता है।

वे कहते हैं कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए केवल कानूनी कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी। वैज्ञानिक सोच, जनजागरूकता और शिक्षा को बढ़ावा देना भी आवश्यक है ताकि लोग झूठे दावों और धोखाधड़ी से बच सकें।


प्रशासन की कार्रवाई

इन मामलों में पुलिस ने संबंधित आरोपियों के खिलाफ हत्या, धोखाधड़ी और अन्य गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की है।

प्रशासन का कहना है कि ऐसे अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि किसी भी कथित तांत्रिक या चमत्कार के नाम पर किए जाने वाले दावों पर बिना जांच-परख विश्वास न करें।


Superstition Deaths के बढ़ते मामले यह संकेत देते हैं कि अंधविश्वास आज भी समाज के लिए गंभीर चुनौती बना हुआ है। छत्तीसगढ़ में सामने आए हालिया मामलों और NCRB के आंकड़ों से स्पष्ट है कि तंत्र-मंत्र और गड़े धन के नाम पर फैलाया जा रहा भ्रम कई परिवारों की जिंदगी तबाह कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता, वैज्ञानिक सोच और प्रभावी कानून-व्यवस्था ही ऐसी घटनाओं को रोकने का सबसे प्रभावी रास्ता है।

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