Jal Jeevan Mission की प्रगति की समीक्षा के लिए गुरुवार को मंत्रालय महानदी भवन, रायपुर में मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में राज्य के सभी जिलों के कलेक्टरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। बैठक में हर घर नल-जल योजना की प्रगति, अधूरे कार्यों, भुगतान, जलस्रोत संरक्षण और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में मिशन मोड में कार्य करते हुए हर परिवार तक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
Jal Jeevan Mission की समीक्षा में क्या कहा मुख्य सचिव ने?
मुख्य सचिव विकासशील ने कहा कि Jal Jeevan Mission की शुरुआत वर्ष 2019 में भारत सरकार द्वारा प्रत्येक घर तक नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से की गई थी।
उन्होंने कहा कि इस योजना से न केवल ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित पेयजल मिलेगा, बल्कि महिलाओं का समय भी बचेगा, जलजनित बीमारियों में कमी आएगी और ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को भी बढ़ावा मिलेगा।
मुख्य सचिव ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिया कि वे ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें और प्रत्येक माह योजना की नियमित समीक्षा करें।
छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की ताजा खबरों के लिए 4thNation के WhatsApp चैनल से जुड़ें:
https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j
Jal Jeevan Mission: 31 अगस्त तक होगा भौतिक सत्यापन
बैठक में मुख्य सचिव ने पूर्ण और हस्तांतरित योजनाओं के भुगतान की समीक्षा की।
उन्होंने निर्देश दिए कि जिन योजनाओं का कार्य पूरा हो चुका है, उनका 31 अगस्त 2026 तक शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन कराया जाए और उसके बाद संबंधित भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं का कार्य अभी अधूरा है, उन्हें 31 दिसंबर 2026 तक हर हाल में पूरा किया जाए।
मुख्य सचिव ने चेतावनी दी कि कार्य में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जलस्रोत संरक्षण और रिचार्ज व्यवस्था पर विशेष जोर
बैठक में केवल पाइपलाइन और जलापूर्ति योजनाओं की समीक्षा ही नहीं हुई, बल्कि जलस्रोतों के दीर्घकालिक संरक्षण पर भी विशेष चर्चा हुई।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जिला अपने क्षेत्र के जलस्रोतों का आकलन करे, नए स्रोतों की पहचान करे और जल संरक्षण व रिचार्ज की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करे।
उन्होंने कहा कि जहां वर्तमान जलस्रोत पर्याप्त नहीं हैं, वहां वैकल्पिक स्रोत विकसित किए जाएं ताकि किसी भी ग्रामीण परिवार को स्वच्छ पेयजल से वंचित न रहना पड़े।
वित्तीय संसाधनों का बेहतर उपयोग करने के निर्देश
मुख्य सचिव ने कलेक्टरों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए रनिंग बिलों का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि जिला खनिज न्यास (DMF), सांसद निधि, विधायक निधि, कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) और अन्य उपलब्ध वित्तीय स्रोतों का उपयोग कर लंबित योजनाओं को समय पर पूरा किया जाए।
बैठक में सोलर आधारित नल-जल योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई तथा योजना-वार स्वीकृत राशि और व्यय का मिलान करने के निर्देश दिए गए।
Jal Jeevan Mission की नियमित मॉनिटरिंग होगी
मुख्य सचिव ने प्रत्येक जिले को गांवों को इकाई मानकर 100 प्रतिशत नल-जल कवरेज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने जिला जल एवं स्वच्छता समिति की मासिक बैठक नियमित रूप से आयोजित करने तथा उसकी कार्यवाही विभागीय पोर्टल पर समय पर अपलोड करने के लिए भी कहा।
मुख्य सचिव ने कहा कि स्पष्ट लक्ष्य, बेहतर योजना और प्रभावी समन्वय के साथ मिशन मोड में कार्य करने से राज्य के प्रत्येक परिवार तक समयबद्ध तरीके से सुरक्षित पेयजल पहुंचाया जा सकेगा।
बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, सभी जिलों के कलेक्टर और विभागीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
Jal Jeevan Mission को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार ने जिलों को स्पष्ट समयसीमा और जवाबदेही तय कर दी है। 31 अगस्त तक पूर्ण योजनाओं का भौतिक सत्यापन और 31 दिसंबर तक अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने के निर्देश इस मिशन को गति देंगे। यदि जिला प्रशासन निर्धारित समयसीमा के अनुसार कार्य करता है तो राज्य के प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य जल्द पूरा हो सकेगा।
