Guest Teacher Strike End के तहत छत्तीसगढ़ के दुर्ग-भिलाई में अतिथि शिक्षकों ने शुक्रवार को अपनी 23 दिनों से जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल फिलहाल समाप्त कर दी। शिक्षक संघ ने बताया कि सरकार की ओर से उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक संकेत और आश्वासन मिलने के बाद आंदोलन स्थगित किया गया है। हालांकि संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 5 सितंबर 2026 तक ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर में फिर से बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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Guest Teacher Strike End: सरकार के आश्वासन के बाद खत्म हुई हड़ताल
अतिथि शिक्षक संघ पिछले 23 दिनों से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर था। संघ का कहना है कि सरकार की ओर से वेतन वृद्धि, 12 महीने का मानदेय, 13 कैजुअल लीव (सीएल) और भविष्य में नियमितीकरण को लेकर सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद फिलहाल आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया गया।
हालांकि शिक्षकों ने यह भी साफ किया कि यह आंदोलन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, बल्कि सरकार को निर्णय लेने का समय दिया गया है।
हड़ताल क्यों करनी पड़ी?
अतिथि शिक्षक संघ के अनुसार वे आंदोलन नहीं करना चाहते थे, लेकिन वर्ष 2016 से मिल रहा मानदेय आज की महंगाई के मुकाबले बेहद कम हो गया है।
शिक्षकों का कहना है कि वे दूर-दराज और नक्सल प्रभावित इलाकों में जोखिम उठाकर बच्चों को पढ़ाते हैं। कई शिक्षक प्रतिदिन 25 किलोमीटर तक पैदल यात्रा कर स्कूल पहुंचते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त मानदेय नहीं मिलता।
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Guest Teacher Strike End: शिक्षकों की प्रमुख मांगें
अतिथि शिक्षकों ने सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
वेतन वृद्धि
वर्तमान में अतिथि शिक्षकों को लगभग 20 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता है। उनका कहना है कि यह राशि वर्तमान महंगाई के अनुसार पर्याप्त नहीं है।
12 महीने का मानदेय
शिक्षकों का आरोप है कि पूरे साल काम लेने के बावजूद उन्हें केवल करीब साढ़े दस महीने का ही मानदेय दिया जाता है। वे पूरे 12 महीने का भुगतान चाहते हैं।
13 कैजुअल लीव और मातृत्व अवकाश
संघ ने अन्य कर्मचारियों की तरह 13 सीएल, सामान्य अवकाश और महिला शिक्षकों के लिए मातृत्व अवकाश की सुविधा देने की मांग दोहराई है।
नियमितीकरण
शिक्षकों की लंबे समय से मांग है कि भविष्य में उनकी सेवाओं के नियमितीकरण को लेकर स्पष्ट नीति बनाई जाए।
नियमित शिक्षकों से वेतन में बड़ा अंतर
अतिथि शिक्षकों का दावा है कि उनके प्रयासों से दुर्गम क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है।
संघ के अनुसार—
- नियमित शिक्षकों को लगभग 1 लाख रुपये तक वेतन मिलता है।
- स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों के शिक्षकों को लगभग 38 हजार रुपये वेतन दिया जाता है।
- जबकि अतिथि शिक्षकों को केवल 20 हजार रुपये मानदेय मिलता है।
इसी वेतन असमानता को खत्म करने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है।
पुलिस कार्रवाई को लेकर भी नाराजगी
हड़ताल के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई और शिक्षकों के साथ बदसलूकी को लेकर भी संगठन ने नाराजगी जताई है। शिक्षक नेताओं का कहना है कि शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान उनके साथ उचित व्यवहार नहीं किया गया।
उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार वार्ता के जरिए सभी लंबित मांगों का समाधान निकालेगी।
5 सितंबर तक सरकार को अल्टीमेटम
अतिथि शिक्षक संघ ने सरकार को 5 सितंबर 2026 तक का समय दिया है।
संघ का कहना है कि यदि इस अवधि के भीतर वेतन वृद्धि, 12 महीने का मानदेय, अवकाश और नियमितीकरण जैसे मुद्दों पर ठोस फैसला नहीं लिया गया तो फिर से प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।
आगे क्या होगा?
फिलहाल स्कूलों में पढ़ाई सामान्य रूप से शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि अब सभी की नजर सरकार के अगले फैसले पर रहेगी। यदि तय समय सीमा तक मांगों पर अमल नहीं हुआ तो शिक्षक संगठन फिर से आंदोलन की राह पकड़ सकता है।
Guest Teacher Strike End फिलहाल छत्तीसगढ़ के हजारों अतिथि शिक्षकों और छात्रों के लिए राहत की खबर है। लेकिन यह राहत अस्थायी है। अब सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती शिक्षकों की वेतन वृद्धि, 12 महीने के मानदेय, अवकाश और नियमितीकरण जैसी मांगों पर समयबद्ध निर्णय लेना है। यदि 5 सितंबर 2026 तक ठोस समाधान नहीं निकला तो राज्य में एक बार फिर बड़ा आंदोलन देखने को मिल सकता है।
