Government of Chhattisgarh द्वारा संचालित महत्वाकांक्षी “निश्चय योजना” के तहत रायपुर केंद्रीय जेल और महिला जेल में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस योजना का मुख्य उद्देश्य युवा बंदियों को अपराध की दुनिया से बाहर निकालकर आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन की ओर आगे बढ़ाना है।
छत्तीसगढ़ की सभी जेलों में यह योजना लागू की जा रही है। सरकार का लक्ष्य बंदियों को दोबारा अपराध की ओर जाने से रोकना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।
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बंदियों को दी जा रही काउंसलिंग और ट्रेनिंग
Government of Chhattisgarh की इस योजना के तहत बंदियों को मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग दी जा रही है। इसके साथ ही उन्हें अपराध बोध को समझने और सकारात्मक जीवन जीने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
योजना के अंतर्गत रोजगार आधारित कौशल प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि जेल से रिहाई के बाद बंदी स्वरोजगार शुरू कर सकें।
बैंक से मिलेगा लोन
सरकार ने बंदियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए बैंक ऋण सुविधा भी शुरू की है। रिहा होने वाले बंदियों को आसान लोन उपलब्ध कराया जाएगा ताकि वे नया व्यवसाय शुरू कर सकें।
यह कार्यक्रम उपमुख्यमंत्री Vijay Sharma के मार्गदर्शन और Rahul Bhagat के सहयोग से संचालित किया जा रहा है।
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Government of Chhattisgarh की डिजिटल शिक्षा पहल
डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए रायपुर केंद्रीय जेल में कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र की शुरुआत की गई है।
अब बंदी जेल परिसर के भीतर ही बेसिक और एडवांस कंप्यूटर प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। इससे उनकी डिजिटल जानकारी बढ़ेगी और रिहाई के बाद नौकरी या व्यवसाय शुरू करने में मदद मिलेगी।
कंप्यूटर ट्रेनिंग से मिलेगा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल स्किल आज के समय में रोजगार का सबसे बड़ा माध्यम बन चुकी है। ऐसे में यह पहल बंदियों को समाज में नई पहचान दिलाने में मदद कर सकती है।
Government of Chhattisgarh की यह पहल जेल सुधार की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
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67 बंदियों को मिला कौशल विकास प्रमाण-पत्र
समारोह के दौरान प्रशिक्षण पूरा करने वाले कुल 67 बंदियों को कौशल विकास प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।
इनमें 38 महिला बंदिनियां और 29 पुरुष बंदी शामिल रहे। जेल प्रशासन का कहना है कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
रोजगार और स्वरोजगार के अवसर
प्रमाण-पत्र मिलने के बाद बंदियों को रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिल सकेंगे। इससे समाज में उनकी पुनर्वापसी आसान होगी और अपराध की पुनरावृत्ति कम होने की उम्मीद है।
इंडियन ओवरसीज बैंक लगाएगा लोन मेला
बंदियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए 13 मई 2026 को Indian Overseas Bank द्वारा केंद्रीय जेल परिसर में लोन मेले का आयोजन किया जाएगा।
इस मेले का उद्देश्य रिहा होने वाले बंदियों को आसान ऋण उपलब्ध कराना है, ताकि वे सम्मानपूर्वक नया जीवन शुरू कर सकें।
आत्मनिर्भरता पर जोर
Government of Chhattisgarh की इस पहल का फोकस बंदियों को आत्मनिर्भर बनाना है। सरकार चाहती है कि जेल से बाहर आने के बाद वे रोजगार की तलाश में भटकने के बजाय खुद का काम शुरू करें।
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कार्यक्रम में मौजूद रहे वरिष्ठ अधिकारी
इस विशेष कार्यक्रम में Himanshu Gupta, Yogesh Singh Kshatri और Garima Pandey सहित जेल प्रशासन के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के सुधारात्मक कार्यक्रम समाज और बंदियों दोनों के लिए सकारात्मक बदलाव लेकर आएंगे।
Government of Chhattisgarh की निश्चय योजना जेल सुधार और बंदियों के पुनर्वास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बनकर उभर रही है। कौशल विकास, कंप्यूटर शिक्षा और बैंक लोन जैसी सुविधाएं बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेंगी।
सरकार की यह कोशिश न केवल अपराध की पुनरावृत्ति को कम करेगी, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में भी बड़ी भूमिका निभाएगी।
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