Digital Democracy के एक नए युग की शुरुआत करते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साई ने शुक्रवार की देर शाम रायपुर स्थित अपने निवास पर आयोजित “Digital Democracy Dialogue” में राज्य के कंटेंट क्रिएटर्स को संबोधित किया।
इस विशेष संवाद में मुख्यमंत्री ने क्रिएटर्स से अपील की कि वे छत्तीसगढ़ को संस्कृति, आस्था और प्रकृति की भूमि के रूप में डिजिटल दुनिया में प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि राज्य की विकास यात्रा और सांस्कृतिक विरासत को देश और दुनिया तक पहुंचाने में डिजिटल प्लेटफॉर्म की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
यह आयोजन न केवल छत्तीसगढ़ के डिजिटल परिदृश्य के लिए, बल्कि देशभर में Digital Democracy की अवधारणा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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छत्तीसगढ़ की पौराणिक और सांस्कृतिक पहचान
भगवान राम, माता कौशल्या और शबरी की भूमि
मुख्यमंत्री विष्णु देव साई ने छत्तीसगढ़ की पौराणिक और आध्यात्मिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह राज्य भगवान राम, माता कौशल्या और शबरी की पवित्र भूमि है। यहाँ दंडकारण्य और अबूझमाड़ जैसे ऐतिहासिक क्षेत्र हैं जो रामायण काल से जुड़े हैं।
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि गुरु घासीदास ने इसी धरती पर समानता और अहिंसा का संदेश दिया था। यह सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत छत्तीसगढ़ को भारत के मानचित्र पर एक विशेष स्थान देती है।
कंटेंट क्रिएटर्स से अपील – राज्य की पहचान को दें नई उड़ान
CM साई ने कंटेंट क्रिएटर्स से आग्रह किया कि वे इस समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को डिजिटल माध्यमों के जरिए देश-दुनिया तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि Digital Democracy का असली अर्थ यही है कि हर नागरिक की आवाज़ और हर क्षेत्र की कहानी डिजिटल मंच पर गूंजे।
नक्सलवाद से विकास तक – छत्तीसगढ़ का बड़ा बदलाव
PM मोदी और गृहमंत्री शाह के नेतृत्व में ऐतिहासिक परिवर्तन
मुख्यमंत्री ने बताया कि एक समय जब छत्तीसगढ़ का बड़ा हिस्सा नक्सलवाद से प्रभावित था, आज वही क्षेत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व तथा सुरक्षा बलों की अथक मेहनत के कारण तेजी से बदल रहा है।
CM साई ने कहा कि पहले राज्य का एक बड़ा भाग प्रभावित था, लेकिन अब विकास की मुख्यधारा हर गाँव तक पहुंच रही है। यह बदलाव छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है।
Digital Democracy की भूमिका – विकास की कहानी को पहुंचाएं आगे
CM साई ने कहा कि Digital Democracy के इस दौर में कंटेंट क्रिएटर्स की जिम्मेदारी है कि वे नक्सलवाद से विकास तक की इस प्रेरणादायक यात्रा को सही तथ्यों के साथ जनता के सामने रखें।
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बस्तर की पर्यटन क्षमता और UNESCO मान्यता
धुड़मारास गाँव – UNESCO की टॉप 20 पर्यटन स्थलों में शामिल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साई ने बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता का उल्लेख करते हुए बताया कि यह क्षेत्र अब वैश्विक स्तर पर पहचान बना रहा है। धुड़मारास गाँव को UNESCO की टॉप 20 पर्यटन स्थलों की सूची में शामिल किया गया है, जो पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है।
उन्होंने कंटेंट क्रिएटर्स से अपील की कि वे बस्तर की इस वैश्विक पहचान को और आगे बढ़ाएं तथा पर्यटन को बढ़ावा देने में अपनी भूमिका निभाएं।
मद्दाराम की वायरल कहानी – सोशल मीडिया की अद्भुत शक्ति
CM साई ने Digital Democracy की शक्ति का एक जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि बस्तर के दिव्यांग बालक मद्दाराम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसे देखकर क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने उसे व्यक्तिगत रूप से क्रिकेट किट भेजी।
यह घटना सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म की उस असीमित शक्ति को दर्शाती है जो एक साधारण से वीडियो के जरिए किसी की जिंदगी बदल सकती है। Digital Democracy का यही सबसे खूबसूरत पहलू है।
8 लाख करोड़ का निवेश और Chhattisgarh Vision 2047
नई औद्योगिक नीति – विकास की नई इबारत
मुख्यमंत्री साई ने बताया कि राज्य की नई औद्योगिक नीति के तहत छत्तीसगढ़ को 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। यह राज्य के आर्थिक भविष्य के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
राज्य सरकार “Chhattisgarh Vision 2047” की दिशा में तेज गति से आगे बढ़ रही है, जिसका लक्ष्य वर्ष 2047 तक छत्तीसगढ़ को एक समृद्ध, विकसित और आत्मनिर्भर राज्य बनाना है।
नियाड नेल्लानार योजना – दूरदराज तक विकास की पहुंच
CM साई ने “नियाड नेल्लानार योजना” का उल्लेख किया, जिसके तहत दूरस्थ क्षेत्रों में वन अधिकार पट्टे, दूरसंचार सेवाएं और अन्य बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। साथ ही बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों के जरिए युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।
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Digital Democracy और डिजिटल इंडिया की क्रांति
हर गाँव में डिजिटल भुगतान – PM मोदी के विजन का असर
Digital Democracy की बात करते हुए मुख्यमंत्री साई ने कहा कि प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया विजन का असर अब छत्तीसगढ़ के हर गाँव में दिखने लगा है। आम नागरिक भी अब डिजिटल पेमेंट कर रहे हैं, जो कुछ साल पहले तक कल्पना से परे था।
उन्होंने कंटेंट क्रिएटर्स से आह्वान किया कि वे इस Digital Democracy की इस परिवर्तनकारी यात्रा को और आगे बढ़ाएं और अपने प्लेटफॉर्म के जरिए इस डिजिटल क्रांति का संदेश दूर-दूर तक फैलाएं।
क्रिएटर्स हैं Digital Democracy के असली राजदूत
CM साई ने कहा कि आज के युग में कंटेंट क्रिएटर्स ही Digital Democracy के सबसे प्रभावशाली राजदूत हैं। उनके पास वह शक्ति है जो किसी सरकारी अभियान से कहीं अधिक प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंच सकती है।
विनय सहस्रबुद्धे का संदेश – शांति और विकास का मॉडल
रामभाऊ म्हालगी प्रबोधिनी के उपाध्यक्ष विनय सहस्रबुद्धे ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ शांति और विकास के एक मॉडल के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कंटेंट क्रिएटर्स से अपील की कि वे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर तथ्यात्मक और सकारात्मक कहानियाँ प्रस्तुत करें।
उन्होंने कहा कि Digital Democracy की सफलता इसी में है कि नागरिक सही जानकारी के आधार पर निर्णय लें और राज्य की वास्तविक तस्वीर देश के सामने आए।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख अतिथि
इस कार्यक्रम में विधायक किरण सिंह देव, मुख्यमंत्री के सलाहकार आर. कृष्णा दास, विशेष अतिथि डॉ. गुरु पासवान, प्रबल प्रताप सिंह जूदेव और जनसंपर्क आयुक्त राजत बंसल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
Digital Democracy से बदलेगा छत्तीसगढ़ का भविष्य
Digital Democracy Dialogue का यह आयोजन यह स्पष्ट करता है कि छत्तीसगढ़ सरकार डिजिटल माध्यमों को केवल सूचना प्रसार का नहीं, बल्कि जन-जन को जोड़ने और सशक्त बनाने का माध्यम मानती है। CM विष्णु देव साई का यह प्रयास राज्य के कंटेंट क्रिएटर्स को एक नई जिम्मेदारी और प्रेरणा देता है।
बस्तर की UNESCO मान्यता से लेकर 8 लाख करोड़ के निवेश तक, नक्सलवाद से मुक्ति से लेकर हर गाँव में डिजिटल पेमेंट तक — छत्तीसगढ़ की यह विकास गाथा Digital Democracy के जरिए दुनिया के सामने आनी चाहिए। जब हर नागरिक की आवाज़ डिजिटल मंच पर गूंजेगी, तभी सच्चे अर्थों में Digital Democracy साकार होगी।
