छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री Arun Sao ने 18 अप्रैल 2026 को रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में एक ऐतिहासिक सम्मान समारोह का आयोजन किया। इस समारोह में उन्होंने कबड्डी विश्वकप और एशियन चैंपियनशिप में भारत को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाने वाली संजू देवी रावत को 50 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की।
यह छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार है जब राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने किसी एक खिलाड़ी को इतनी बड़ी प्रोत्साहन राशि दी है। Arun Sao ने इस अवसर पर बिलासपुर के चिंगराजपारा कबड्डी क्लब को कबड्डी मैट भी प्रदान किया।
यह सम्मान न केवल संजू देवी की व्यक्तिगत उपलब्धि का उत्सव है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ सरकार की खिलाड़ी-समर्थक नीति का भी प्रमाण है।
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संजू देवी – कोरबा के छोटे गाँव से कबड्डी विश्वकप तक की प्रेरक यात्रा
श्रमिक दंपति की बेटी जो बनी विश्व विजेता
कोरबा जिले के छोटे से गाँव केराकछार में एक श्रमिक दंपति के घर जन्मी 23 वर्षीय संजू देवी आज पूरे छत्तीसगढ़ की प्रेरणा बन चुकी हैं। गरीबी और अभावों के बीच पली-बढ़ी इस बेटी ने अपने जुनून, कठोर परिश्रम और अदम्य साहस के बल पर वह मुकाम हासिल किया जो अब तक राज्य के किसी कबड्डी खिलाड़ी ने नहीं किया था।
संजू जुलाई 2023 से बिलासपुर स्थित बहतराई आवासीय बालिका कबड्डी अकादमी में प्रशिक्षण ले रही हैं, जो राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित है। यहीं से उनकी प्रतिभा को सही दिशा और मंच मिला।
छत्तीसगढ़ की पहली अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी
संजू देवी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाली छत्तीसगढ़ की पहली कबड्डी खिलाड़ी हैं। यह उपलब्धि अपने आप में ऐतिहासिक है और इसीलिए Arun Sao ने उन्हें राज्य के सर्वोच्च खेल सम्मान से नवाज़ा।
वर्ल्ड कप फाइनल में 35 में से 16 अंक – संजू की अकेली ताकत
बांग्लादेश में जीता मोस्ट वेल्युबल प्लेयर का खिताब
नवम्बर 2025 में बांग्लादेश में आयोजित कबड्डी विश्वकप में संजू देवी ने अपने दमदार खेल से पूरी दुनिया को चौंका दिया। टूर्नामेंट में उनके प्रदर्शन की सबसे बड़ी झलक फाइनल में दिखी, जहाँ भारत को मिले कुल 35 अंकों में से 16 अंक अकेले संजू ने दिलाए।
सेमीफाइनल और अन्य शुरुआती मैचों में भी संजू ने निर्णायक क्षणों में टीम की जीत सुनिश्चित की। इसी शानदार प्रदर्शन के कारण उन्हें टूर्नामेंट का मोस्ट वेल्युबल प्लेयर (MVP) चुना गया।
विपक्षी पाले में जाकर अंक बटोरने की दुर्लभ काबिलियत
संजू की सबसे बड़ी खासियत है विपक्षी टीम के पाले में जाकर अंक बटोरने की अद्भुत क्षमता। यह कौशल कबड्डी में सबसे कठिन और जोखिम भरा माना जाता है। इसी काबिलियत ने उन्हें विश्व के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में स्थान दिलाया।
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Arun Sao का संदेश – बेटियों को मिले प्रोत्साहन, सरकार है साथ
“छत्तीसगढ़ की बेटी का गौरव पूरे राज्य का गौरव”
उप मुख्यमंत्री Arun Sao ने संजू देवी को सम्मानित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में राज्य में लगातार खेल और खिलाड़ियों की बेहतरी के लिए काम हो रहा है। संजू ने अपने उत्कृष्ट खेल से देश को दो अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक दिलाए हैं।
Arun Sao ने कहा — “छत्तीसगढ़ की बेटी का यह प्रदर्शन राज्य का मान-सम्मान और गौरव बढ़ाने वाला है। उनकी उपलब्धियां अन्य खिलाड़ियों को भी प्रेरित करेंगी।” उन्होंने संजू देवी को आगे भी इसी तरह देश का नाम रोशन करते रहने की शुभकामनाएं दीं।
Arun Sao बोले – प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ाना सरकार की जिम्मेदारी
Arun Sao ने स्पष्ट किया कि जब राज्य में ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी हों तो उन्हें प्रोत्साहित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि विशेषकर बेटियों को अच्छा खेलने का प्रोत्साहन मिले, इसी उद्देश्य से यह 50 लाख रुपए की राशि दी जा रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ ने हाल ही में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की सफल मेजबानी की है और बस्तर ओलंपिक तथा सरगुजा ओलंपिक के भी वृहद आयोजन किए गए हैं।
एशियन चैंपियनशिप – ईरान में भी लहराया परचम
मार्च 2025 में ईरान में जीती एशियन कबड्डी चैंपियनशिप
कबड्डी विश्वकप से पहले संजू देवी मार्च 2025 में ईरान में आयोजित एशियन कबड्डी चैंपियनशिप में भी भारतीय टीम का हिस्सा थीं। इस प्रतियोगिता में भी उन्होंने उम्दा प्रदर्शन किया और भारत को चैंपियन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस तरह संजू देवी ने एक ही वर्ष में दो बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने में योगदान दिया — यह उपलब्धि अत्यंत दुर्लभ और गर्व करने योग्य है।
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गरीबी से विश्व विजय तक – संजू देवी की अदम्य प्रेरक कहानी
जुनून, कड़ी मेहनत और मानसिक मजबूती का नाम है संजू
संजू देवी की सफलता की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। गरीबी और अभावों के बीच पली-बढ़ी इस खिलाड़ी ने कभी हार नहीं मानी। उनके पास न तो महंगी सुविधाएं थीं और न ही बड़े संसाधन — था तो बस एक अटूट जुनून और कड़ी मेहनत का संकल्प।
संजू ने स्वयं कहा है — “बड़े स्तर पर सफल होने के लिए मानसिक रूप से मजबूत होना जरूरी है। बाधाओं के बीच पहली सीढ़ी पार करने के बाद ही आपको दूसरी सीढ़ी चढ़ने का मौका मिलता है।” यह संदेश हर उस युवा के लिए प्रेरणादायक है जो खेल में अपना भविष्य बनाना चाहता है।
बिलासपुर अकादमी ने दी उड़ान
बिलासपुर की बहतराई आवासीय बालिका कबड्डी अकादमी ने संजू की प्रतिभा को निखारने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कोच दिल कुमार राठौर के मार्गदर्शन में संजू ने अपने खेल को एक नई ऊंचाई पर पहुंचाया।
यह अकादमी राज्य सरकार के खेल एवं युवा कल्याण विभाग की एक महत्वपूर्ण पहल है, जो ग्रामीण और वंचित वर्ग की बेटियों को खेल के माध्यम से आगे बढ़ने का अवसर दे रही है।
भारतीय टीम में कैसे मिली जगह – चयन की पूरी यात्रा
कोलकाता से भटिंडा तक – टूर्नामेंट दर टूर्नामेंट साबित किया दम
संजू देवी ने भारतीय टीम में अपनी जगह कड़ी मेहनत और लगातार शानदार प्रदर्शन से बनाई। उनकी यात्रा के प्रमुख पड़ाव इस प्रकार रहे:
जनवरी 2024 में कोलकाता में आयोजित ईस्ट ज़ोन इंटरयूनिवर्सिटी टूर्नामेंट में बिलासपुर विश्वविद्यालय की ओर से भाग लिया। इसके बाद जनवरी 2025 में भटिंडा में ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी टूर्नामेंट में भी उन्होंने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
विशाखापट्टनम, तमिलनाडु, नागपुर, महासमुंद और महाराष्ट्र के भजियापार में आयोजित ऑल इंडिया टूर्नामेंटों में राज्य की ओर से खेलीं। 2024 में छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ की चयन स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन के बाद इंडिया कैंप के लिए चुनी गईं। कैंप में उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद ईरान एशियन चैंपियनशिप और फिर विश्वकप टीम में जगह मिली। गांधीनगर और सोनीपत में आयोजित चार राष्ट्रीय कैंपों में भी हिस्सा लिया।
Arun Sao की खेल नीति – बजट से लेकर अकादमी तक सरकार का साथ
खेल प्रतियोगिताएं लगातार चलती रहें – Arun Sao का संकल्प
Arun Sao ने स्पष्ट किया कि सरकार की कोशिश है कि प्रदेश में लगातार खेल प्रतियोगिताएं चलती रहें — चाहे वे सरकार के माध्यम से हों, अन्य संस्थाओं के माध्यम से हों या खेल संघों के माध्यम से। उन्होंने कहा कि खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार ने बजट में पर्याप्त प्रावधान किए हैं।
इस सम्मान समारोह में खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक तनुजा सलाम, छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ के अध्यक्ष शशिकांत बघेल, कोच दिल कुमार राठौर सहित राज्य की विभिन्न अकादमियों के खिलाड़ी और विभागीय अधिकारी भी उपस्थित थे।
