Small Notes Shortage का असर अब दुर्ग जिले के फुटकर और चिल्हर सब्जी विक्रेताओं के कारोबार पर साफ दिखाई देने लगा है। छोटे नोट और सिक्कों की कमी से परेशान व्यापारियों ने जनदर्शन में पहुंचकर कलेक्टर से इस समस्या के समाधान की मांग की है।
व्यापारियों का कहना है कि डिजिटल भुगतान तेजी से बढ़ा है, लेकिन आज भी बड़ी संख्या में ग्राहक नकद भुगतान करते हैं। ऐसे में छोटे नोट और सिक्कों की कमी रोजमर्रा के व्यापार में बाधा बन रही है।
Small Notes Shortage को लेकर जनदर्शन में उठी आवाज
दुर्ग की थोक फल एवं सब्जी मंडी के कार्यकारी अध्यक्ष नासिर खोखर की ओर से जनदर्शन में आवेदन सौंपा गया है। आवेदन में कहा गया है कि छोटे सब्जी व्यापारियों को हर दिन चिल्लर नोट और सिक्कों की आवश्यकता होती है, लेकिन उन्हें बैंक से पर्याप्त सहयोग नहीं मिल रहा है।
व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि छोटे कारोबारियों के लिए अलग व्यवस्था बनाकर नियमित रूप से चिल्लर उपलब्ध कराई जाए।
Small Notes Shortage से फुटकर व्यापारियों की बढ़ी परेशानी
फुटकर सब्जी विक्रेताओं का कारोबार मुख्य रूप से छोटे लेनदेन पर आधारित होता है। ग्राहक अक्सर 100, 200 या 500 रुपये के नोट देकर खरीदारी करते हैं, लेकिन चिल्लर नहीं होने से व्यापारियों और ग्राहकों दोनों को परेशानी उठानी पड़ती है।
कई बार पर्याप्त छुट्टे पैसे नहीं होने पर लेनदेन में देरी होती है और ग्राहक भी असुविधा महसूस करते हैं।
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बैंकों से नहीं मिल रहा अपेक्षित सहयोग
जनदर्शन में दिए गए आवेदन के अनुसार व्यापारियों का कहना है कि बैंक छोटे नोट और सिक्के सीधे तौर पर उपलब्ध नहीं करा रहे हैं।
उनका आरोप है कि चिल्लर राशि मुख्य रूप से व्यापारिक संगठनों या चैंबर को दी जाती है, जबकि छोटे सब्जी विक्रेताओं तक उसकी पर्याप्त पहुंच नहीं बन पाती।
ऑनलाइन पेमेंट बढ़ा, लेकिन नकद लेनदेन अब भी जरूरी
डिजिटल इंडिया अभियान और यूपीआई भुगतान प्रणाली के विस्तार के बाद ऑनलाइन लेनदेन में तेजी आई है। इसके बावजूद सब्जी बाजार जैसे क्षेत्रों में नकद भुगतान पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।
कई ग्राहक तकनीकी कारणों या व्यक्तिगत सुविधा के चलते नकद भुगतान को प्राथमिकता देते हैं। ऐसे में छोटे नोट और सिक्कों की जरूरत लगातार बनी हुई है।
हर महीने छोटे नोट और सिक्के उपलब्ध कराने की मांग
व्यापारियों ने कलेक्टर से मांग की है कि बैंकों के माध्यम से हर महीने फुटकर व्यापारियों को छोटे नोट और सिक्के उपलब्ध कराए जाएं।
उनका मानना है कि इससे बाजार में लेनदेन सुचारू होगा, ग्राहकों को राहत मिलेगी और छोटे व्यापारियों का कारोबार भी प्रभावित नहीं होगा।
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Small Notes Shortage दुर्ग जिले के छोटे सब्जी व्यापारियों के लिए एक महत्वपूर्ण समस्या बनकर सामने आई है। ऑनलाइन भुगतान बढ़ने के बावजूद नकद लेनदेन की जरूरत खत्म नहीं हुई है। ऐसे में यदि छोटे नोट और सिक्कों की नियमित व्यवस्था की जाती है तो व्यापारियों और ग्राहकों दोनों को बड़ी राहत मिल सकती है। अब सभी की नजर प्रशासन और बैंकिंग व्यवस्था की आगामी पहल पर टिकी हुई है।
