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Documentary Film Awards: समाज को जागरूक करने का सशक्त माध्यम

Documentary Film Awards के अवसर पर छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि फिल्में और डॉक्युमेंट्री केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि समाज को जागरूक करने और सकारात्मक संदेश देने का प्रभावी माध्यम भी हैं। रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित यह सम्मान समारोह छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम और संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।

राज्यपाल ने कहा कि समय के साथ संचार के माध्यम बदलते रहे हैं, लेकिन समाज को दिशा देने में कला और सिनेमा की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है।

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Documentary Film Awards में राज्यपाल ने बताई फिल्मों की भूमिका

राज्यपाल रमेन डेका ने अपने संबोधन में कहा कि आदिम युग से मनुष्य विभिन्न माध्यमों से अपने विचार व्यक्त करता आया है। नाटक, रेडियो, टेलीविजन और अब डिजिटल प्लेटफॉर्म ने इस भूमिका को और व्यापक बना दिया है।

उन्होंने कहा कि पहले सिनेमा का उद्देश्य केवल व्यावसायिक लाभ नहीं था, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाना और सकारात्मक बदलाव लाना भी था। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भी भारतीय सिनेमा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।


Documentary Film Awards के मंच से बस्तर की संस्कृति को बढ़ावा देने की अपील

बस्तर की सकारात्मक पहचान को दुनिया तक पहुंचाने का आह्वान

राज्यपाल ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ उल्लेखनीय सफलता मिली है।

उन्होंने फिल्म निर्माताओं से आग्रह किया कि वे अब बस्तर की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और प्राकृतिक सौंदर्य को देश-दुनिया तक पहुंचाने का कार्य करें, ताकि क्षेत्र की सकारात्मक छवि और मजबूत हो सके।

सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में डॉक्युमेंट्री की भूमिका

उन्होंने कहा कि लोककलाएं, लोकगीत, जनजातीय परंपराएं और पर्व-त्योहार हमारी अमूल्य धरोहर हैं। इन्हें स्थायी रूप से संरक्षित करने के लिए डॉक्युमेंट्री फिल्में बेहद प्रभावी माध्यम साबित हो सकती हैं।


नई पीढ़ी को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने की जरूरत

राज्यपाल ने मोबाइल की बढ़ती लत को गंभीर सामाजिक चुनौती बताते हुए चिंता व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि बच्चे खेल के मैदानों और रचनात्मक गतिविधियों से दूर होते जा रहे हैं। कलाकारों और फिल्म निर्माताओं को नई पीढ़ी को कला, संगीत, नाटक और नृत्य जैसी गतिविधियों से जोड़ने के लिए आगे आना चाहिए।

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पुरस्कार विजेता डॉक्युमेंट्री फिल्मों का हुआ सम्मान

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित फिल्मों को मिली पहचान

इस अवसर पर राज्यपाल ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त डॉक्युमेंट्री फिल्मों ‘छत्तीसगढ़ के भीम दाऊ चिंताराम’, ‘हैप्पी बर्थडे’ और ‘स्क्रीन’ के निर्माता-निर्देशकों को सम्मानित किया।

कार्यक्रम में संस्कृति विभाग के संचालक श्री संजय कन्नौजे ने स्वागत उद्बोधन दिया, जबकि छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन ने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।

प्रसिद्ध फिल्म निर्माता-निर्देशक मनोज वर्मा ने आभार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में विधायक पुरंदर मिश्रा, फिल्म निर्माता, कलाकार और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए जरूरी हैं प्रेरणादायक फिल्में

राज्यपाल ने सद्गति, चरणदास चोर और देवदास जैसी चर्चित फिल्मों और नाटकों का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाली फिल्मों की आज भी उतनी ही आवश्यकता है जितनी पहले थी।

उन्होंने कलाकारों से सामाजिक सरोकारों और सांस्कृतिक मूल्यों को अपने रचनात्मक कार्यों के माध्यम से आगे बढ़ाने का आह्वान किया।


Documentary Film Awards केवल फिल्मों का सम्मान नहीं, बल्कि समाज और संस्कृति के प्रति रचनात्मक जिम्मेदारी का भी प्रतीक है। राज्यपाल रमेन डेका का संदेश स्पष्ट है कि फिल्में और डॉक्युमेंट्री समाज को नई दिशा देने, सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और युवा पीढ़ी को प्रेरित करने का सशक्त माध्यम हैं। ऐसे आयोजनों से छत्तीसगढ़ की कला और संस्कृति को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने की संभावनाएं और मजबूत होंगी।