Ethanol Blended Petrol को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। वित्त मंत्रालय ने E22, E25, E27 और E30 जैसे मिश्रित ईंधनों पर एक्साइज ड्यूटी में छूट देने का फैसला किया है। इस निर्णय का उद्देश्य देश में एथेनॉल आधारित ईंधन के उपयोग को बढ़ाना और कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना है।
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Ethanol Blended Petrol क्या है?
Ethanol Blended Petrol वह ईंधन है जिसमें सामान्य पेट्रोल के साथ एथेनॉल को मिलाया जाता है।
E22, E25, E27 और E30 की संरचना
- E22 : 78% पेट्रोल + 22% एथेनॉल
- E25 : 75% पेट्रोल + 25% एथेनॉल
- E27 : 73% पेट्रोल + 27% एथेनॉल
- E30 : 70% पेट्रोल + 30% एथेनॉल
सरकार का मानना है कि इससे प्रदूषण कम होगा और किसानों को भी एथेनॉल उत्पादन के जरिए अतिरिक्त आय का अवसर मिलेगा।
Ethanol Blended Petrol से क्या होगा फायदा?
सरकार देशभर में एथेनॉल के उपयोग को तेजी से बढ़ाना चाहती है। इसके तहत दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, पुणे और नागपुर में 50 से 100 विशेष एथेनॉल फ्यूल स्टेशन शुरू करने की योजना बनाई गई है। वर्ष 2026 के अंत तक इनकी संख्या बढ़ाकर 500 तक की जा सकती है।
इस कदम से कई लाभ होने की उम्मीद है—
- कच्चे तेल के आयात में कमी
- विदेशी मुद्रा की बचत
- किसानों को लाभ
- पर्यावरण प्रदूषण में कमी
- वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा
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पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर Middle East संकट का असर
Middle East में जारी तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार दबाव में है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में पिछले कुछ समय में 7.5 रुपये प्रति लीटर से अधिक की बढ़ोतरी हो चुकी है। इसके बावजूद तेल विपणन कंपनियों पर लागत का दबाव बना हुआ है।
अनुमान है कि कंपनियों को पेट्रोल पर लगभग 12 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर करीब 21 रुपये प्रति लीटर का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
E85 और E20 पेट्रोल में क्या अंतर है?
E85 Fuel
E85 में 85 प्रतिशत एथेनॉल और 15 प्रतिशत पेट्रोल होता है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी पहले ही संकेत दे चुके हैं कि E85 ईंधन को E20 पेट्रोल की तुलना में लगभग 20 रुपये प्रति लीटर सस्ता उपलब्ध कराने की तैयारी है।
हालांकि, एथेनॉल की ऊर्जा क्षमता पेट्रोल से लगभग एक-तिहाई कम होती है, इसलिए इस कीमत में छूट का उद्देश्य उपभोक्ताओं को संतुलित लाभ देना है।
E20 Fuel
E20 में 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल शामिल होता है। वर्तमान में अधिकांश वाहन E20 मिश्रण के अनुकूल हैं और यह ईंधन देशभर के पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध रहेगा।
Ethanol Blended Petrol पर सरकार की आगे की योजना
सरकार लंबे समय से एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम को बढ़ावा दे रही है। एक्साइज ड्यूटी में छूट का यह फैसला उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि एथेनॉल आधारित ईंधन का उपयोग बढ़ता है तो भविष्य में भारत की तेल आयात पर निर्भरता कम हो सकती है और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी।
Ethanol Blended Petrol को बढ़ावा देने के लिए सरकार का एक्साइज ड्यूटी माफ करने का फैसला ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। E22, E25, E27 और E30 जैसे ईंधनों को प्रोत्साहन मिलने से पर्यावरण संरक्षण, किसानों की आय और तेल आयात में कमी जैसे कई फायदे हो सकते हैं। हालांकि, वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों और Middle East संकट का असर आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर बना रह सकता है।
