Blood Donation Workshop के तहत दुर्ग के कला मंदिर में इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी द्वारा रक्तदान व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में नवदृष्टि फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर रक्तदान से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और सुधार संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव अधिकारियों के सामने रखे।
कार्यक्रम में जिला कलेक्टर अभिजीत सिंह, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यशाला का उद्देश्य रक्तदाताओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और अधिक से अधिक लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित करना था।
📲 4thNation WhatsApp चैनल से जुड़ें:
https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j
Blood Donation Workshop में नवदृष्टि फाउंडेशन की सक्रिय भागीदारी
कार्यशाला में नवदृष्टि फाउंडेशन की ओर से राज आढ़तिया, कुलवंत भाटिया, हरमन दुलई, रितेश जैन, सुरेश जैन, दीपक बंसल, विकास जायसवाल, मुकेश राठी, प्रमोद बाघ और सपन जैन उपस्थित रहे।
सभी सदस्यों ने रक्तदान व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, सुविधाजनक और प्रभावी बनाने के लिए अपने अनुभव साझा किए तथा कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
Blood Donation Workshop: नियमित रक्तदाताओं के लिए VIP सुविधा की मांग
कार्यशाला में कुलवंत भाटिया ने सुझाव दिया कि कई बार नियमित रक्तदान करने वाले लोगों को आवश्यकता पड़ने पर समय पर रक्त उपलब्ध नहीं हो पाता।
उन्होंने प्रस्ताव रखा कि नियमित रक्तदाताओं को विशेष सुविधाएं प्रदान की जाएं और जिला चिकित्सालय में उनके लिए सम्मानजनक एवं प्राथमिकता (VIP) व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उनका मानना था कि इससे अधिक लोग स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित होंगे और रक्त की उपलब्धता भी बढ़ेगी।
इस सुझाव पर जिला कलेक्टर अभिजीत सिंह ने संबंधित अधिकारियों को गंभीरता से विचार कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
यह भी पढ़ें: Kargil Vijay Diwas 2026: सुराना महाविद्यालय में पूर्व कर्नल ई. जे. जयकणनन ने छात्रों को किया प्रेरित
Blood Donation Workshop में सेक्टर-9 अस्पताल की समस्याएं भी उठीं
नवदृष्टि फाउंडेशन के राज आढ़तिया ने सेक्टर-9 अस्पताल में रक्तदाताओं को होने वाली विभिन्न समस्याओं की ओर अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया।
उन्होंने सुझाव दिया कि रक्तदान का समय बढ़ाया जाए ताकि नौकरीपेशा और अन्य व्यस्त लोग भी अपनी सुविधा के अनुसार रक्तदान कर सकें। इससे स्वैच्छिक रक्तदान करने वालों की संख्या में वृद्धि होने की संभावना है।
स्वास्थ्य विभाग ने सुधार का दिया आश्वासन
कार्यशाला के दौरान सेक्टर-9 अस्पताल के सीएमएचओ डॉ. उदय कुमार ने रक्तदाताओं की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।
उन्होंने कहा कि रक्तदान व्यवस्था को और अधिक सुगम एवं व्यवस्थित बनाने के लिए आवश्यक सुधार किए जाएंगे। साथ ही रक्तदाताओं की सुविधा और सेवा गुणवत्ता बढ़ाने के लिए विभाग लगातार प्रयास करेगा।
Blood Donation Workshop से स्वैच्छिक रक्तदान को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नियमित रक्तदाताओं को सम्मान और बेहतर सुविधाएं मिलती हैं तो समाज में स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति सकारात्मक माहौल बनेगा।
ऐसी कार्यशालाएं रक्तदान के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग और सामाजिक संगठनों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में भी मददगार साबित होती हैं।
Blood Donation Workshop ने यह स्पष्ट किया कि रक्तदान व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए केवल जागरूकता ही नहीं, बल्कि रक्तदाताओं को सम्मान, बेहतर सुविधाएं और समय पर रक्त उपलब्ध कराना भी आवश्यक है। नवदृष्टि फाउंडेशन द्वारा दिए गए सुझावों पर जिला प्रशासन की सकारात्मक प्रतिक्रिया भविष्य में रक्तदान व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बना सकती है। यदि इन सुझावों पर अमल होता है तो जिले में स्वैच्छिक रक्तदान अभियान को नई गति मिलने की उम्मीद है।
