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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने दुर्ग की सभा में सिर्फ झूठ बोलकर जनता को गुमराह करने का किया प्रयास : राजेंद्र साहू

दुर्ग (छत्तीसगढ़)। गृहमंत्री अमित शाह की दुर्ग में आयोजित सभा को लेकर प्रदेश कांग्रेस महामंत्री राजेंद्र साहू ने बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि दुर्ग में आयोजित सभा में केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने सिर्फ झूठ बोला है और इसके माध्यम से जनता को गुमराह करने का प्रयास किया है। राजेंद्र ने कहा कि सच्चे रामभक्त कभी झूठ नहीं बोलते हैं, लेकिन गृहमंत्री अमित शाह दुर्ग में बार-बार सफेद झूठ बोलते रहे।

किसानों की कर्जमाफी, आत्महत्या और धानखरीदी सहित अन्य मुद्दों पर अमित शाह के झूठ को प्रदेश के किसान और आम जनता अच्छी तरह समझ चुके हैं। अमित शाह सहित अन्य भाजपा नेताओं की झांसेबाजी का कोई असर नहीं होने वाला। अमित शाह ने दुर्ग में झूठा बयान देते हुए कहा कि केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ सरकार को 90 प्रतिशत राशि दे रही है। सच ये है कि केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को मिलने वाली जीएसटी और कोल रायल्टी के रूप में मिलने वाली हजारों करोड़ की पूरी राशि अब तक नहीं दी।

शाह ने दुर्ग की सभा में एक और सफेद झूठ कहा कि केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के किसानों से 92 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा। सच ये है कि छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार ने किसानों से 107 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा है। छत्तीसगढ़ में किसानों की कर्जमाफी न होने का अमित शाह का बयान भी झूठा है। हजारों किसानों द्वारा आत्महत्या करने का दावा भी कोरे झूठ के सिवा कुछ नहीं है।

राजेंद्र ने कहा कि धान की सबसे ज्यादा कीमत मिलने और कर्जमाफी के कारण छत्तीसगढ़ के किसान समृद्ध हुए हैं। शाह को रमन सरकार का यह सच भी उजागर करना चाहिए कि 15 साल के शासनकाल में साढ़े 4 हजार किसानों ने आत्महत्या की थी।

राजेंद्र ने कहा कि शाह बयान दे रहे हैं कि छत्तीसगढ़ के किसानों का धान मोदी सरकार ने खरीदा है। अगर मोदी सरकार धान खरीद रही है तो महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, असम, हरियाणा सहित भाजपा के अन्य डबल इंजिन वाले राज्यों में किसान कम कीमत पर धान बेचने पर क्यों मजबूर हैं ? छत्तीसगढ़ की तरह धान की ज्यादा कीमत भाजपा की डबल इंजिन वाली सरकारें क्यों नहीं दे रही हैं।

राजेंद्र ने कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गृहमंत्री अमित शाह से फिल्म आदिपुरुष पर बैन लगाने की मांग की थी। अगर शाह सच्चे रामभक्त होते तो आदिपुरुष पर बैन लगाने की घोषणा कर देते। धर्म का सहारा लेकर राजनीतिक फायदा उठाने वाले भाजपा नेताओं के कदम धर्म की रक्षा के लिए आखिर क्यों डगमगा रहे हैं।
राजेंद्र ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यजनक है कि 50 दिनों से मणिपुर जल रहा है, वहां शांति बहाल करने की बजाय देश के गृहमंत्री दुर्ग आकर देशभक्ति का पाठ पढ़ा रहे हैं। शाह अगर मणिपुर में शांति बहाल कराते, तो हम भी मानते कि वे सच्चे देशभक्त और रामभक्त हैं। बेहतर होगा कि गृहमंत्री अमित शाह मणिपुर जाकर वहां शांति बहाल कर राष्ट्रधर्म निभाएं।