Korba जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां पत्नी से नाराज होकर एक युवक करीब 150 फीट ऊंचे हाईटेंशन टावर पर चढ़ गया। इस घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया।
पसान थाना क्षेत्र के पटेल पारा (समेरा) गांव में हुई इस घटना के बाद पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर युवक को सुरक्षित नीचे उतारा।
Korba घटना की पूरी कहानी
Korba के इस मामले में बताया जा रहा है कि 24 वर्षीय युवक केवल सिंह अपने रिश्तेदार के यहां शादी समारोह में गया था।
वहां किसी बात को लेकर उसका विवाद हो गया, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान हो गया। उसने अपनी पत्नी से वहां से साथ चलने को कहा, लेकिन पत्नी ने उसकी बात नहीं मानी।
इस बात से नाराज होकर वह गुस्से में गांव के पास स्थित हाईटेंशन टावर पर चढ़ गया और आत्महत्या की कोशिश करने लगा।
Korba में 3 घंटे चला हाई वोल्टेज ड्रामा
Korba में इस घटना के दौरान गांव में अफरा-तफरी मच गई। जैसे ही लोगों ने युवक को टावर पर चढ़ते देखा, तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
मौके पर भारी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। करीब 3 घंटे तक युवक टावर पर बैठा रहा और नीचे आने से इनकार करता रहा।
इस दौरान:
- पुलिस लगातार समझाइश देती रही
- ग्रामीण भी उसे नीचे आने के लिए कहते रहे
- माहौल तनावपूर्ण बना रहा
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Korba पुलिस की सूझबूझ से बची जान

Korba पुलिस ने ऐसे संभाली स्थिति
Korba के पसान थाना प्रभारी चंद्रपाल खांडे के अनुसार, सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। युवक लगभग 150 फीट ऊंचे टावर पर था, जिससे स्थिति बेहद जोखिमपूर्ण थी।
पुलिस ने उसे भरोसा दिलाया कि उसकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। लगातार बातचीत और समझाइश के बाद युवक धीरे-धीरे नीचे उतरने लगा।
करीब 3 घंटे की मेहनत के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया गया।
युवक की हालत और मेडिकल जांच
Korba में टावर से नीचे उतरने के बाद युवक की हालत खराब हो गई थी। तेज धूप और गर्मी के कारण वह कमजोर महसूस कर रहा था।
पुलिस ने तुरंत उसे पेंड्रा अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका चेकअप किया गया। इलाज के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
प्रारंभिक जांच में पता चला कि युवक पहले से मानसिक तनाव में था। उसके बच्चे की पहले ही मौत हो चुकी है, जिससे वह भावनात्मक रूप से कमजोर था।
Korba में बढ़ता मानसिक तनाव का मामला
Korba जैसे क्षेत्रों में इस तरह की घटनाएं मानसिक तनाव और पारिवारिक विवादों की ओर इशारा करती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि:
- पारिवारिक संवाद की कमी
- आर्थिक और सामाजिक दबाव
- मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की कमी
ऐसी घटनाओं को बढ़ावा दे रही हैं।
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निष्कर्ष
Korba में हुई यह घटना न केवल एक पारिवारिक विवाद का परिणाम है, बल्कि यह मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की कमी को भी दर्शाती है।
पुलिस की तत्परता और सूझबूझ से एक बड़ी घटना टल गई। लेकिन भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए Korba में सामाजिक और मानसिक स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है।
