दुर्ग, 04 अप्रैल 2025। भिलाई स्थित महात्मा गांधी कला मंदिर में आज औद्योगिक विकास नीति 2024-30, रैम्प स्कीम और इज ऑफ डूइंग बिजनेस पर संभाग स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए कलेक्टर अभिजीत सिंह ने कहा कि प्रदेश और देश के विकास में उद्योगों की भूमिका अहम है। नई औद्योगिक नीति के तहत कई प्रावधान किए गए हैं, जिससे व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और प्रदेश की जीडीपी में उद्योगों का योगदान बढ़ेगा।
🏭 नई औद्योगिक नीति के प्रमुख बिंदु:
✅ 5 लाख नए औपचारिक रोजगार सृजन का लक्ष्य।
✅ स्थानीय श्रमिकों को कौशल विकास प्रशिक्षण एवं प्रोत्साहन।
✅ 1000 से अधिक रोजगार देने वाली इकाइयों के लिए विशेष प्रोत्साहन।
✅ युवा अग्निवीरों और नक्सल पीड़ित परिवारों को अनुदान एवं छूट।

🔹 MSME उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा
कार्यशाला में केंद्र सरकार की रैम्प (RAMP) स्कीम के तहत MSME उद्योगों को मिलने वाले लाभों की जानकारी भी दी गई। ई.वाई. (EY) की टीम ने बताया कि यह योजना सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) को सशक्त बनाने के लिए बनाई गई है।
🚀 विकसित भारत की परिकल्पना को मिलेगा समर्थन
कलेक्टर ने कहा कि साल 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने में यह औद्योगिक नीति बेहद सहायक होगी। जिला प्रशासन उद्यमियों को हरसंभव सहयोग प्रदान करेगा।
👥 कार्यशाला में हुई व्यापक चर्चा
कार्यशाला में विभिन्न उद्योगपतियों, जिला अधिकारियों और उद्योग महाप्रबंधकों ने भाग लिया।
मुख्य अतिथि:
- एसडीएम हरवंश सिंह मिरी
- डिप्टी कलेक्टर हितेश पिस्दा
- मुख्य महाप्रबंधक उद्योग सीमन एक्का
- उद्योग संचालनालय अधिकारी ऋतुराज
- संभाग के सभी जिलों के महाप्रबंधक उद्योग और उद्यमी
➡️ नई औद्योगिक नीति और MSME योजनाओं से प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई ऊंचाई मिलने की उम्मीद है।
