दुर्ग, 02 अप्रैल 2025 – जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित दुर्ग की ऋण उप समिति बैठक 1 अप्रैल 2025 को कलेक्टर एवं प्राधिकृत अधिकारी श्री अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में 480 प्रकरणों हेतु कुल 49.33 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया। इसमें खाद व्यवसाय, अकृषि ऋण, गौपालन, फसल ऋण, उद्यानिकी, कुक्कुट एवं मत्स्य पालन सहित विभिन्न क्षेत्रों के लिए ऋण आवंटित किए गए।
ऋण स्वीकृति के मुख्य बिंदु
✅ खाद व्यवसाय – 305 समितियों के लिए 41.39 करोड़ रुपये की नगद साख सीमा।
✅ अकृषि ऋण – 2 प्रकरणों में 4.25 करोड़ रुपये की स्वीकृति।
✅ उपभोक्ता व्यवसाय – 71 समितियों के लिए 1.22 करोड़ रुपये।
✅ गौपालन केसीसी – 37 नए प्रकरणों में 62.30 लाख रुपये और 14 नवीनीकरण मामलों में 28.60 लाख रुपये।
✅ गोल्डन क्रेडिट कार्ड – 10 प्रकरणों में 50 लाख रुपये।
✅ मध्यकालीन व्यक्तिगत ऋण – 5 प्रकरणों में 37.45 लाख रुपये।
✅ दीर्घावधि कम्बाईन हार्वेस्टर ऋण – 28 लाख रुपये।
✅ स्वयं सहायता समूह – 10 प्रकरणों में 12.70 लाख रुपये।
✅ फसल ऋण (किसान क्रेडिट कार्ड पूरक साख सीमा) – 11 प्रकरणों में 5.24 लाख रुपये।
✅ उद्यानिकी फसल (टमाटर) – 5 प्रकरणों में 4.44 लाख रुपये।
✅ कुक्कुट, मत्स्य और बकरी पालन – विभिन्न प्रकरणों में क्रमशः 3 लाख, 3 लाख और 1.5 लाख रुपये की स्वीकृति।

ऋण प्रकरणों की समीक्षा और गड़बड़ियों की जांच
बैठक में दुर्ग, बालोद और बेमेतरा जिले की 60 सेवा सहकारी समितियों के एनडीआर (नेट डिस्पोजल रिसोर्स) 50 लाख रुपये से अधिक ऋणात्मक होने के कारणों की जांच के निर्देश दिए गए। इन मामलों की रिपोर्ट आगामी ऋण उप समिति बैठक में प्रस्तुत की जाएगी।
गबन और धोखाधड़ी पर सख्त कार्रवाई
बैंक द्वारा गबन, धोखाधड़ी और ऋण असंतुलन के 8 दोषी कर्मचारियों की सेवा समाप्ति की कार्यवाही की गई है। इसके अतिरिक्त, इन प्रकरणों में माननीय उच्च न्यायालय के स्थगन आदेश को समाप्त करने हेतु वाद दायर किया गया है।
बैठक में उप पंजीयक सहकारी संस्थाएँ दुर्ग के संचालक सदस्य श्री अकोश मिश्रा, उप संचालक कृषि श्री संदीप भोई, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एस. के. जोशी, बैंक अधिकारी सुश्री कुसुम ठाकुर एवं विपणन अधिकारी श्री हृदेश शर्मा उपस्थित रहे।
राज्य सरकार और बैंक प्रशासन के इन प्रयासों से कृषि, व्यापार और ग्रामीण विकास को मजबूती मिलेगी।
