छत्तीसगढ़ के हवाई सेवाओं का विस्तार: रायपुर एयरपोर्ट को मिले अंतरराष्ट्रीय दर्जा – बृजमोहन अग्रवाल

छत्तीसगढ़ के हवाई संपर्क को सशक्त बनाने और राज्य के आर्थिक विकास को गति देने के उद्देश्य से रायपुर के लोकप्रिय सांसद एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल लगातार प्रयासरत हैं। उन्होंने लोकसभा में शून्य काल के दौरान रायपुर हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय दर्जा देने और राज्य के प्रमुख शहरों—बिलासपुर, रायगढ़, अंबिकापुर एवं जगदलपुर—में हवाई सेवाओं के विस्तार की माँग उठाई।

छत्तीसगढ़: औद्योगिक और सांस्कृतिक शक्ति

बृजमोहन अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ देश का एक उभरता हुआ औद्योगिक, आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्र बन चुका है। यहाँ बाल्को, जिंदल, भिलाई स्टील प्लांट, हिंडाल्को, एनएमडीसी, एनटीपीसी जैसे अनेक बड़े उद्योग स्थापित हैं। इसके साथ ही, राज्य में 32% आदिवासी और 12% अनुसूचित जाति समुदाय निवास करता है, जिनके आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए हवाई सेवाओं का विस्तार आवश्यक है।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की जरूरत क्यों?

रायपुर हवाई अड्डे से हर महीने 60,000 से 70,000 लोग देश-विदेश की यात्रा करते हैं, जबकि कई अंतरराष्ट्रीय निवेशक भी छत्तीसगढ़ में निवेश करने के इच्छुक हैं। लेकिन, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की अनुपलब्धता के कारण निवेश और पर्यटन के अवसरों को पूरी तरह से साकार नहीं किया जा सका है।

बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्र सरकार और नागरिक उड्डयन मंत्रालय से आग्रह किया कि रायपुर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय दर्जा दिया जाए और वहाँ आवश्यक सुविधाएँ, जैसे इमिग्रेशन ऑफिस, एक्साइज ऑफिस, कार्गो टर्मिनल, बेहतर पार्किंग और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन जल्द शुरू किया जाए। इससे राज्य की आर्थिक और औद्योगिक प्रगति को नई ऊँचाइयाँ मिलेंगी।

राज्य के अन्य शहरों में हवाई सेवा का विस्तार

बृजमोहन अग्रवाल ने बिलासपुर, रायगढ़, अंबिकापुर और जगदलपुर में हवाई सेवाओं के विस्तार की भी माँग रखी। उन्होंने कहा कि इन शहरों में हवाई संपर्क बढ़ने से व्यापार, पर्यटन, उद्योग और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, छत्तीसगढ़ के नागरिकों को देश-विदेश की यात्रा करने में अधिक सुविधा होगी।

छत्तीसगढ़ के विकास को मिलेगी नई उड़ान

अगर रायपुर हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय दर्जा मिलता है और राज्य के अन्य शहरों में हवाई सेवाएँ बढ़ती हैं, तो छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। इससे न केवल व्यापारिक और औद्योगिक क्षेत्र को लाभ होगा, बल्कि पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में भी क्रांतिकारी बदलाव आएगा।

निष्कर्ष

बृजमोहन अग्रवाल का यह प्रयास छत्तीसगढ़ के हवाई नेटवर्क को मजबूत करने और इसे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि केंद्र सरकार इस माँग को स्वीकार करती है, तो निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ को नई उड़ान मिलेगी और राज्य की आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक स्थिति में क्रांतिकारी सुधार होगा।

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