रायपुर। अगर आप कुदरत के जादू का आनंद लेना चाहते हैं, तो छत्तीसगढ़ का मैनपाट आपका स्वागत करता है। सरगुजा जिले में स्थित यह हिल स्टेशन अपने प्राकृतिक सौंदर्य और अनोखी विशेषताओं के कारण ‘छत्तीसगढ़ का शिमला’ कहलाता है। ठंड और बारिश के मौसम में यह स्थान कोहरे और बर्फ की चादर में लिपटा रहता है, जिससे इसकी खूबसूरती और बढ़ जाती है।
प्राकृतिक आश्चर्यों से भरा मैनपाट
मैनपाट में घूमने के लिए कई अद्भुत जगहें हैं, जिनमें जलजली (दलदली) का नाम सबसे पहले आता है। यह स्थान अपनी उछलती जमीन के लिए प्रसिद्ध है। यहां जमीन पर पैर रखते ही वह किसी स्पंज की तरह हिलने लगती है। पर्यटक इस अनोखी जमीन पर उछल-कूद कर खूब आनंद लेते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले यहां जल स्रोत हुआ करता था, जो समय के साथ सूख गया और जमीन दलदली रह गई।

इसके अलावा, उल्टा पानी मैनपाट का एक और अद्भुत स्थान है। यहां पानी नीचे से ऊपर की ओर बहता है, और गाड़ियां भी ढलान से ऊपर की ओर लुढ़कती हैं। यह भौतिकी के नियमों को चुनौती देती हुई जगह पर्यटकों के लिए बड़ा आकर्षण है।
फिश प्वाइंट और मेहता झरना
मैनपाट में फिश प्वाइंट एक ऐसी जगह है जहां रंग-बिरंगी मछलियां पर्यटकों का मन मोह लेती हैं। इसके अलावा, मेहता प्वाइंट का झरना, जो ऊंचे पहाड़ों और घाटियों से घिरा हुआ है, भी काफी प्रसिद्ध है।
प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद
मैनपाट में पूरे साल पर्यटक आते हैं, लेकिन ठंड के मौसम में यहां की खूबसूरती चरम पर होती है। कोहरे की चादर और ठंडी हवाएं इसे पर्यटकों के लिए स्वर्ग बनाती हैं।
