पर्थ टेस्ट में विराट कोहली ने अपने करियर का 30वां टेस्ट शतक लगाकर न केवल अपनी टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया, बल्कि अपने आलोचकों को भी करारा जवाब दिया। लंबे समय से फॉर्म में नहीं दिख रहे कोहली ने 36 साल की उम्र में शानदार प्रदर्शन किया। कोहली ने मैदान पर अपनी पारी को लेकर कहा, “मैं टीम के लिए योगदान देना चाहता हूं। सिर्फ खेलने के लिए नहीं, बल्कि प्रदर्शन करने के लिए यहां हूं।”
भावुक पल
इस शतक के बाद कोहली ने अपनी पत्नी अनुष्का शर्मा का जिक्र करते हुए कहा, “अनुष्का मेरे साथ हर स्थिति में खड़ी रही हैं। वह जानती हैं कि जब मैं अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाता या कुछ गलतियां करता हूं, तो मेरे दिमाग में क्या चलता है।” उनके इस बयान ने साफ किया कि हाल के वर्षों की कठिनाइयों को उन्होंने व्यक्तिगत रूप से महसूस किया है।

टीम का समर्थन
युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने बताया कि पूरी टीम कोहली के शतक का इंतजार कर रही थी। उन्होंने कहा, “हम सब उनके लिए खुश थे। यह टीम के लिए गर्व का पल था।” शतक के बाद टीम ने पारी घोषित कर ऑस्ट्रेलिया को दबाव में डालने की रणनीति अपनाई।
क्या कहती है पिछली फॉर्म?
पिछले पांच वर्षों में कोहली के आंकड़े उनकी क्षमता के अनुरूप नहीं रहे। इस दौरान 22 खिलाड़ियों ने उनसे ज्यादा रन बनाए और 38 खिलाड़ियों ने उनसे ज्यादा शतक लगाए। लेकिन इस पारी ने यह साबित कर दिया कि कोहली के अंदर अभी भी वही जोश और कौशल बरकरार है।
निष्कर्ष
यह शतक न केवल टीम इंडिया के लिए एक मजबूत स्थिति का संकेत है, बल्कि कोहली के करियर में एक नई शुरुआत का भी प्रतीक है। पर्थ टेस्ट में उनका प्रदर्शन भारतीय क्रिकेट के लिए एक प्रेरणा है।
