रायपुर (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ के कवर्धा, जांजगीर-चांपा, मनेंद्रगढ़ व दंतेवाड़ा जिलों में अगले साल से चार नए मेडिकल कॉलेज अस्तित्व में आ जाएगें। यह कालेज केंद्र प्रवर्तित योजना के तहत खोले जाएंगे। 60 फीसदी फंड केंद्र व 40 फीसदी फंड राज्य सरकार देगी। एक मेडिकल कॉलेज बनाने में 500 करोड़ का खर्च आएगा। प्रदेश में पिछले 22 साल में 10 सरकारी मेडिकल खुल चुके हैं। चार और नए कॉलेज खुलने से उन छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी, जो नीट यूजी की तैयारी कर रहे हैं। नए मेडिकल कॉलेज खुलने से प्रदेशभर के छात्रों को फायदा होगा।
चारों कॉलेजों में 100-100 सीटें रहेंगी। इससे अगले साल एमबीबीएस की 400 सीटें बढ़ जाएंगी। ईडब्ल्यूएस की 25-25 सीटों के हिसाब से 100 सीटें और मिलेंगी। ऐसे में एमबीबीएस की एक साथ 500 सीटें बढ़ेंगी। इन चारों क्षेत्र में कॉलेज खुलने से छात्रों को फायदा होगा। ऐसे नीट क्वालिफाइड छात्रों को एडमिशन मिलेगा, जो कुछ नंबरों से एडमिशन के लिए चूक जाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार सीटें बढ़ने से कट आफ 5 से 10 अंक तक गिर जाएगा।

वर्तमान में प्रदेश में 9 सरकारी व 3 निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की 1570 सीटें हैं। रायपुर के अलावा बिलासपुर, रायगढ़, अंबिकापुर, कोरबा, राजनांदगांव, महासमुंद, कांकेर, जगदलपुर व दुर्ग में सरकारी मेडिकल कॉलेज हैं। इन कॉलेजों में एडमिशन की प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है। चिकित्सा शिक्षा विभाग जल्द ही एडमिशन के लिए पोर्टल खोलेगा। इससे नीट यूजी क्वालिफाइड छात्र ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन व च्वाइस फिलिंग कर सकेंगे।
