दुर्ग में परिवहन मंत्री ने फहराया तिरंगा, कोरोना योद्धाओं का हुआ सम्मान, अंजोरा में किया पौधरोपण

दुर्ग (छत्तीसगढ़)। स्वतंत्रता दिवस समारोह पर दुर्ग जिले में प्रदेश के परिवहन, आवास एवं पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन विभाग एवं प्रभारी मंत्री मोहम्मद अकबर ने ध्वजारोहण किया । पुलिस परेड ग्राउण्ड में आयोजित 15 अगस्त के मुख्य समारोह में उन्होंने परेड की सलामी ली और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का जनता के नाम संदेश का वाचन किया। उल्लास एवं उमंग के प्रतीक रंगीन गुब्बारे आसमान में छोड़े।

मुख्य अतिथि मंत्री मोहम्मद अकबर ने ध्वजारोहण पश्चात समारोह में उल्लेखनीय कार्य करने वाले विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया। समारोह में स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, जिला एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारी, सभी विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी, बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित थे।
संभागायुक्त कार्यालय में ध्वजारोहण
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उपायुक्त विकास अजय मिश्रा ने संभागायुक्त कार्यालय में ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर कार्यालय केे अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित थे। उपायुक्त ने सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी।
कलेक्टर ने किया ध्वजारोहण
कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने कलेक्टोरेट में ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर कार्यालय के अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित थे। कलेक्टर ने सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी।
जनसंपर्क कार्यालय में ध्वजारोहण
जिला जनसंपर्क कार्यालय में ध्वजारोहण किया गया। जिला जनसंपर्क अधिकारी सौरभ शर्मा ने कार्यलय में ध्वजारोहण किया गया। इस अवसर पर कार्यालय के कर्मचारियों ने राष्ट्रगान कर तिरंगा झण्डे को सलामी दी। इस अवसर पर कार्यालय के सहायक संचालक आर नटेश, सहायक संचालक प्रदीप कंवर, सहायक जनसंपर्क अधिकारी हेमलाल प्रभाकर, छाया चित्रकार शशांक ठाकुर, कनक कोमरा, दिनेश साहू, हेमलता साहू, वीडियोग्राफर संजय वर्मा, सुयश तिवारी, किशन कुमार,भोलाराम यादव, हिमेश ठाकुर, उपस्थित थे।
रोपें गए औषधीय पौधे
अंजोरा स्थित दाऊ वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय में वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने पौधारोपण किया। उन्होंने होम हर्बल गार्डन योजना के अंतर्गत निशुल्क औषधीय पौधों का वितरण भी किया। उन्होंने कहा ‘औषधि पौधे का ज्ञान स्वस्थ जीवन की  पहचान’ के उद्देश्य से लोगों में जन जागरूकता  फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसा करके हम औषधि पौधों  का संरक्षण एवं संवर्धन  दोनों कर सकते हैं। यदि हम घर में ही औषधीय पौधा लगाएं तो बहुत  सी छोटी बीमारियों  का इलाज घर में ही किया जा सकता है। जब चिकित्सा क्रांति नहीं आई थी  तो ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों में वैद्य या जड़ी बूटी के जानकार ही  उपलब्ध औषधि गुण वाले पौधों से ग्रामीणों का इलाज करते थे। आज भी यदि आप आदिवासी क्षेत्रों में जाएंगे तो वहां के बुजुर्ग कई दुर्लभ जड़ी बूटियों के बारे में जानकारी रखते हैं। इसलिए हमें इस परंपरा को जिंदा रखने की आवश्यकता है। घर के आंगन में ही औषधि युक्त पौधे लगाकर  मौसमी बीमारियों को मात दे सकते हैं। डीएफओ धम्मशील  गणवीर ने बताया कि  वन विभाग तथा परंपरागत वन औषधि प्रशिक्षित वैद्य संघ छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वधान में लोक स्वास्थ्य परंपरा संवर्धन कार्यक्रम चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि होम हर्बल गार्डन योजना के अंतर्गत दुर्ग में अडूसा, तुलसी, पीपली, अश्वगंधा, कालमेघ, गुड़मार, स्टीविया, सहजन, निर्गुणी, ब्राम्ही, घृत कुमारी, मंडूपपर्णी, आंवला तथा शतावर आदि के जीवन रक्षक औषधीय पौधों का वितरण किया जाएगा। इस अवसर पर एडीजी विवेकानंद सिन्हा, कलेक्टर दुर्ग डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे, एसपी प्रशांत अग्रवाल, सीईओ जिला पंचायत दुर्ग एस आलोक, एसडीएम दुर्ग विनय कुमार पोयाम, जिला पंचायत अध्यक्ष दुर्ग शालिनी यादव, मुख्य वन संरक्षक शालिनी रैना, सरपंच अंजोरा संगीता साहू उपस्थित थे।